2015 में सपा सरकार के समय रखी गई थी नींव
इटावा : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय कारागार का उद्घाटन किया. सैफई तहसील की ग्राम पंचायत फूलापुर के महोला में 2 अरब 76 करोड़ 35 लाख की लागत से केंद्रीय कारागार बनकर तैयार हुआ है. इसकी नींव 2015 में सपा सरकार के समय रखी गई थी.
सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट कही जाने वाली सैफई तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत फूलापुर के गांव महोला में बनाई गई नई जेल का उद्घाटन प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया. तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार के दौरान 2015 में भूमि खरीदकर आधुनिक जिला जेल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था. उस समय जेल की डिजायन बनाकर लागत राशि 1 अरब 83 करोड़ 91 लाख रुपये निर्धारित की गई थी. राजकीय निर्माण निगम ने कार्य शुरू करने से पूर्व सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव को डिजाइन दिखाई तो उन्हें पसंद नहीं आई तथा उन्होंने कई तरह की सुविधाएं तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए थे. इस पर निगम के इंजीनियरों ने नई डिजाइन तैयार करके लागत राशि 2 अरब 52 करोड़ 26 लाख रुपये निर्धारित की.

ऐसे हुआ निर्माण
अखिलेश सरकार ने यह धनराशि उपलब्ध कराकर दिसंबर 2016 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का समय निर्धारित किया. उस समय निर्माण कार्य तेजी से शुरू किया गया था. लेकिन कार्य पूर्ण नहीं हो सका. मार्च 2017 में सत्ता परिवर्तन होने के बाद निर्माण कार्य की गति और ज्यादा शिथिल हो गई जिससे जो धन उपलब्ध था. उसी से कार्य किया गया. इसके बावजूद करीब 14 फीसद कार्य शेष रह गया था. इसके लिए बीते दो साल से करीब 20 करोड़ रुपये की मांग शासन से की जा रही थी. प्रदेश के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2020 में समीक्षा करके इतनी धनराशि की स्वीकृति प्रदान करके बजट निर्धारित कर दिया था. इससे नई जेल को चमकाने का कार्य तेजी से शुरू करा दिया गया था. और जून 2021 में जेल का निर्माण कार्य 2 अरब 72 लाख में पूरा हो गया था.
सेंट्रल जेल में 2000 बंदियों को रखने की क्षमता
प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जिला कारागार को सेंट्रल जेल बनाने की घोषणा कर दी थी. जिला कारागार अभी 610 बंदियों की क्षमता की है जिसमें बीते डेढ़ दशक से क्षमता से तीन गुना कैदी रह रहे हैं. 51 एकड़ में बनी नई सेंट्रल जेल में लगभग 2000 बंदियों को रखने की क्षमता में 30-30 बंदियों के लिए 58 बैरिक है. किशोर बंदियों के लिए दो और महिला बंदियों के लिए तीन बैरिंक है. प्रत्येक बैरिक छमता 30- 30 बंदी की होगी. हाई सिक्योरिटी वेयरिंग भी बनाई गई है. जिनमें शातिर बड़े अपराधियों को कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा0 प्रत्येक बैरिक में 12-12 बंदी रखे जाएंगे.
बनाया गया आलीशान प्रशासनिक भवन

नई सेंट्रल जेल की बिल्डिंग में आलीशान प्रशासनिक भवन भी बनाया गया है. इसमें जेल अधिकारी के अलावा अन्य अफसरों के अलावा जेल अधिकारियों कार्यालय पर कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था है. परिसर में टाइप फोर के चार टाइप 3 के तीन और टाइप टू के 120 आवास भी है.
इन शहरों में है सेंट्रल जेल
अभी प्रदेश में आगरा सेंट्रल जेल, वाराणसी सेंट्रल जेल,लखनऊ सेंट्रल, जेल, नैनी सेंट्रल जेल, फतेहगढ़ सेंट्रल जेल है. सैफई में यह प्रदेश में छठवीं सेंट्रल जेल होगी. कारदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर जनार्दन राय ने बताया 272.31 लाख रुपए की लागत से सेंट्रल जेल पूरी तरह से बनकर तैयार है.
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