कॉम्फेड ने बढ़ाई अपनी क्षमता, अब रोजाना 22 लाख 52 हजार किलोग्राम दूध करता है एकत्रित

पटना : डेयरी एवं मत्स्य संसाधन विभाग की इकाई कॉम्फेड अपने ब्रांड सुधा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में कॉम्फेड ने अपने दूध संग्रहण और प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ा ली है। विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, कॉम्फेड ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में पशुपालकों से रोजाना 22 लाख 52 हजार किलोग्राम दूध का संग्रहण किया है। वहीं इसने अब अपनी रोजाना दूध प्रसंस्करण की क्षमता को बढ़ाकर 48 लाख 55 हजार कर लिया है।

20 वर्षो के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2004-05 में दुग्ध संग्रहण जहां मात्र 4.88 लाख किलोग्राम प्रतिदिन था

आपको बता दें कि 20 वर्षो के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2004-05 में दुग्ध संग्रहण जहां मात्र 4.88 लाख किलोग्राम प्रतिदिन था, वह वर्ष 2024-25 में बढ़कर 22.52 लाख किलोग्राम प्रतिदिन हो गया है। इस तरह से दुध संग्रहण में करीब पांच गुना की वृद्धि हुई है। यह वृ‌द्धि लगभग 8.5 प्रतिशत की यौगिक वार्षिक वृद्धि दर से हुई है, जो कि सराहनीय है।

इस अवधि में कॉम्फेड ने तेजी से अपनी दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाई है

वहीं इस अवधि में कॉम्फेड ने तेजी से अपनी दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाई है। वर्ष 2006-07 में राज्य में दूध प्रसंस्करण क्षमता 6.30 लाख लीटर प्रतिदिन थी, जो कि वर्ष 2023-24 में ही बढ़कर 48.55 लाख लीटर प्रतिदिन हो गई थी। इस तरह कॉम्फेड दूध प्रसंस्करण की क्षमता को बढ़ाकर करीब आठ गुना कर चुका है। आज यह रोजाना जितने दूध का संग्रहण करता है उससे करीब दोगुना अधिक दूध प्रसंस्करण करने की क्षमता रखता है।

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