गया : जिले के सबसे बड़े अल्पसंख्यक महाविद्यालय मिर्जा गालिब कॉलेज के परचम को बेदाग रखने की मुहिम शहर में छिड़ गई है। बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने कालेज के भविष्य के मसले पर बैठक कर चिंता जाहिर की। साथ ही में तय किया गया कि बीते पांच साल में कॉलेज के शासकीय निकाय ने क्या बेहतर किया और क्या गलत इस बाबत उन्हें आईना दिखाया जाएगा। क्योंकि मानकों के विरुद्ध कॉलेज में नियुक्ति की प्रक्रिया में भाई भतीजावाद को तवज्जों दिया गया है। यदि ऐसा ही रहा तो मिर्जा गालिब कॉलेज का भविष्य आने वाले दिनों में संकट में आ जाएगा। इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। यह बातें वार्ड पार्षद और मुहिम का नेतृत्व कर रहे नैय्यर अहमद ने मीडिया से कहीं।
उन्होंने कहा कि बेशक मिर्जा गालिब कॉलेज स्वायत है पर यह मगध यूनिवर्सिटी के कायदे कानून के तहत ही संचालित होता है। लेकिन बीते दिनों कालेज के शासकीय विभाग मानकों की अनदेखी कर परिवारवाद को जगह दी गई जो कि गलत है। इसके विरुद्ध शहर के लोग एकजुट होकर कॉलेज प्रबन्धन को उनकी कमियां और खूबियां गिनाएंगे। साथ ही बेहतर काम जो किया गया है। उसके लिए उन्हें सम्मानित भी करेंगे। इसके अलावा जो गलत हुआ है उसे दुरुस्त करने की बात कहेंगे। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक कमेटी गठित की गई है। आगे की रणनीति कमेटी तय करेगी।
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आशीष कुमार की रिपोर्ट


