ACS के साथ रोज आम चर्चा, स्कूलों में अब धीरे-धीरे बदल रहा है गिरती शिक्षा व्यवस्था का स्वरूप

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ACS के साथ रोज आम चर्चा, स्कूलों में अब धीरे-धीरे बदल रहा है गिरती शिक्षा व्यवस्था का स्वरूप
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मधेपुरा : बदलता बिहार, बढ़ता बिहार। बिहार के गिरती शिक्षा व्यवस्था में धीरे-धीरे मुकम्मल सुधार हो रहा है। दरअसल, जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत घड़दौल उत्कृमित मीडिल स्कूल में जूही मैम की बेहतर स्पेशल क्लास के कायल हैं। जी हां मधेपुरा में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉक्टर एस सिद्धार्थ का आम चर्चा हो रहा है। जिले के अलग-अलग स्कूलों में अब धीरे-धीरे गिरती शिक्षा व्यवस्था का स्वरूप बदल रहा है।

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आपको बता दें कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने शिक्षकों से संवाद कार्यक्रम का नया पहल की शुरुआत की है। जो बिहार के अलग-अलग जिले एक चर्चा का विषय बनता जा रहा है। साथ ही साथ स्कूल के शिक्षकों में एक ऊर्जा का संचार भी हो रहा है। ज्ञात हो कि बीते दिनों मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड अंतर्गत घड़दौल स्कूल की शिक्षिका जूही भारती से वीडियो कॉल पर अपर मुख्य सचिव ने बेहतर शिक्षा व्यवस्था को लेकर बातचीत की। अचानक वीडियो कॉल आने से शिक्षिका चौंकी। एस सिद्धार्थ ने उन्हें पढ़ाने की इनोवेटिव तकनीक और स्कूल की समस्याओं पर चर्चा की।

वहीं इस दौरान एसीएस ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि जूही भारती इनोवेटिव तरीकों से बच्चों को पढ़ा रही हैं। यही जानने के लिए उन्होंने कॉल किया है ताकि शिक्षण संस्थानों में और बेहतर हो सके। स्कूल के शिक्षिका जूही भारती ने बताया कि वह कक्षा-6 से आठ के बच्चों को गणित और विज्ञान पढ़ाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में स्थित इस स्कूल में फरवरी 2024 से उन्होंने योगदान दिया है। शिक्षिका ने कहा कि स्कूल में संसाधन सीमित हैं, लेकिन वह कम संसाधन तथा स्कूलों मे उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करने की कोशिश कर रही हैं। इतना हीं नहीं एसीएस द्वारा आए कॉल से शिक्षिका जूही काफी उत्साहित भी हैं।

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वहीं स्कूल के प्रभारी एचएम ग्यासउद्दीन ने बताया कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का फोन बीपीएससी शिक्षका जूही भारती को आया था। उन्होंने उनके बच्चों को गाना गाकर, कहानी सुनाकर और अन्य अलग-अलग तरीके से पढ़ाने लिखाने की शैली की प्रशंसा की है। जिससे हम सभी गौरवान्वित हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि कम संसाधनों के वावजूद भी हमलोग स्कूल में अच्छे तरीके से कार्य कर रहे हैं। ताकि हमारा स्कूल कम से कम जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर सके। उन्होंने बताया कि हमें सभी अधिकारी और अविभावकों का भरपूर सहयोग भी मिल रहा है। जरा देखिए शिक्षिका जूही मैम की स्पेशल क्लास और एसीएस एस सिद्धार्थ कि वीडियो कॉलिंग बातचीत की।

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रमण कुमार की रिपोर्ट

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