- जेएमएम सरकार आदिवासी, मजदूर और किसान विरोधी पार्टी है
- 24 साल का झारखंड बनने के बाद रोजगार की गारंटी नही है शिच्छा बदहाल है आदिवासियों का जमीन जबरन लूटा जा रहा हैःजऑन
संतोष वर्मा की रिपोर्ट
चाईबासा : पुराना डीसी ऑफिस के सामने झारखंड जेनरल कामगार यूनियन के बैनर तले धरना प्रदर्शन किया गया। जिसका नेतृत्व जिला अध्यक्ष मानसिंह त्रिया ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा ने कहा कि जेएमएम सरकार आदिवासी, मजदूर और किसान विरोधी पार्टी है।24 साल का झारखंड बनने के बाद रोजगार की गारंटी नहीं है शिच्छा बदहाल है आदिवासियों का जमीन जबरन लूटा जा रहा है।
हमारा झारखंड पूरे देश को सबसे ज्यादा टैक्स देता है फिर भी विकास नहीं है। नोवामुण्डी,जामदा,गुवा किरीबुरू, मनोहरपुर जैसे छेत्र का आदिवासी आज भी लकड़ी दातुन पत्ता बेचने को मजबूर हैं।
जब हम मजदूरों का आवाज उठाते हैं तो झारखंड मुक्ति मोर्चा की सरकार में ही 4 बार सीसीए लगाकर तड़ीपार किया गया इस बार भी सीसीए लगाकर तड़ीपार कराया गया और हमें चुनाव नहीं लडने दिया गया।
जेएमएम सरकार आदिवासियों के उपर तानाशाही शासन चला रही है। अगर जेएमएम की सरकार आदिवासी और मजदूर हित पर सोचती तो मेरे द्वारा मजदूर हित का आवाज को दबाने के लिए सीसीए नहीं लगाती।
जेएमएम सरकार टाटा, रूंगटा जैसे कंपनियों को लाभ पहुंचाने का काम कर रही है। आज आदिवासी जमीन का सुरक्षा नहीं हो पा रहा है। धरना के माध्यम से महा माहिम राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री, मुख्य नेयाधीश दिल्ली, मुख्य मंत्री झारखंड, राज्यपाल झारखण्ड को उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया ।
जिसमे यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष जॉन मिरन मुंडा के ऊपर लगे सीसीए को भी हटाने का मांग किया गया है ताकि आगामी विधानसभा चुनाव लड़ सके और जिला से पलायन को रोकने के लिए 75% रोजगार स्थानीय लोगों को मिले का मांग किया गया।


















