हेमंत सोरेन की विधायकी को लेकर संशय बरकरार

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चुनाव आयोग की अधिसूचना का इंतजार

रांची : हेमंत सोरेन संशय बरकरार – झारखंड में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बैठकों का दौर जारी है.

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इसके साथ ही अटकलों का बाजार भी गरम है.

लेकिन लाभ के पद मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भारत निर्वाचन आयोग के फैसले का अब भी इंतजार है.

आयोग की ओर से इस बारे में अबतक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

हेमंत सोरेन संशय बरकरार – सरकार पर कोई संकट नहीं

मामले में हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता को लेकर संशय की स्थिति बनने के बाद

सरकार बचाने की कवायद भी जोर-शोर से चल रही है.

शुक्रवार को रांची में दिनभर बैठकों का दौर जारी रहा.

मुख्यमंत्री आवास पर दिन के बाद रात को भी सत्ता पक्ष के विधायकों की बैठक हुई.

हालांकि सत्ताधारी गठबधन के नेताओं का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या बल मौजूद है

और सरकार पर कोई संकट नहीं है. लेकिन इस बात को लेकर सत्ताधारी गठबंधन

बेहद चौकन्ना दिख रहा है कि इस संख्या बल में कोई सेंधमारी न कर दे.

हेमंत सोरेन संशय बरकरार – ‘हेमंत ही होंगे हमारे नेता’

रात में मुख्यमंत्री आवास में विधायकों के लिए डिनर का आयोजन किया गया.

एक बार फिर सभी विधायक सीएम हाउस में जुटे. इसमें विधायकों की री-काउंटिंग हुई.

वर्तमान राजनीतिक हालात पर चर्चा की गई. सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि हम एकजुट हैं.

बैठक में विधायकों में राय बनी कि अगर हेमंत सोरेन की विधायकी गई तो उन्हें फिर से नेता चुना जाएगा. वे सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे और वहीं फिर से सीएम बनेंगे.

हेमंत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश- अविनाश पांडेय

राज्य में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने हेमंत सरकार को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया है.केंद्र पर हमला बोलते हुए उन्होने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है. हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता को लेकर उठ रहे सवालों पर अविनाश पांडेय ने कहा कि चुनाव आयोग का जो निर्णय होगा पार्टी उसका स्वागत करेगी.और सभी घटक दल मिलकर जरूरत के हिसाब से आगे निर्णय लेंगे.

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