रांची: जमीन घोटाले मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रही ईडी ने रांची स्थित पीएमएल की विशेष अदालत में झामुमो नेता अंतु तिर्की सहित 10 आरोपितों के विरुद्ध शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल कर दिया।
ईडी ने कोर्ट में बताया कि सभी आरोपितों ने आपसी मिलीभगत से जमीन के मूल दस्तावेज में हेराफेरी कर प्रतिबंधित श्रेणी की जमीन को प्रतिबंध मुक्त किया और उसकी खरीद-बिक्री की।
इसके बदले में भारी मात्रा में रुपए का भी लेन-देन किया। ईडी ने रांची के सदर थाने में एक जून 2023 को दर्ज प्राथमिकी के आधार पर अपने यहां दर्ज ईसीआईआर में यह चार्जशीट की है।
इसी ईसीआइआर में अनुसंधान के क्रम में ईडी ने चार्जशीट में ईडी की ओर से जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार 13 अप्रैल 2023 को सद्दाम हुसैन के ठिकाने से 1940 की डीड(नंबर 3985) बरामद हुआ था। यह डीड 6.34 एकड़ जमीन के लिए तैयार हुआ था जिसमें खाता नंबर 234 के कई प्लॉट शामिल हैं।
इसमें प्लॉट नंबर 989 की 84 डिसमिल जमीन और प्लॉट नंबर-996 की 32 डिसमिल जमीन भी शामिल हैं। दोनों प्लॉट की उक्त जमीन भी हेमंत सोरेन के कब्जे वाली 8.86 एकड़ जमीन का हिस्सा है।
ईडी ने जांच में पाया कि 1940 की उक्त डीड ने झारखंड के पूर्व ने झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और बड़गाईं अंचल के तत्कालीन राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार किया था।
सभी 6.34 एकड़ जमीन भुइहरी प्रकृति की है, जिसकी खरीद-बिक्री नहीं की जा सकती है। इसके बावजूद उसपर अवैध रूप से कब्जा किया गया और उसे बेचा गया।
उक्त जमीन पर हेमंत सोरेन, सद्दाम हुसैन, अफसर अली, प्रियरंजन सहाय, अंतु तिर्की व अन्य ने गलत तरीके से कब्जा किया। ईडी ने सद्दाम की डायरी को भी सबूत के तौर पर चार्जशीट में लगाया है, जिसमें उसके व अंतु तिर्की के बीच रुपए के लेन-देन हैं।
कोलकाता के रजिस्ट्रार ऑफ एश्योरेंस में डीड सर्चर तापस घोष डीड की मूल कॉपी जालसाजों को मुहैया कराता था। इसके बदले में उसके बैंक खाते में जालसाजों ने 21.43 लाख रुपए भी डाले थे। हजारीबाग का डीड राइटर इरशाद भी फर्जी डीड बनाता था, जिसके एवज में रुपए लिए।
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