रांची: दिनेश गोप, पीएलएफआई सुप्रीमो, रांची में विभिन्न अपराधों से जुड़े हुए हैं, उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। उन्हें पहले एनआईए द्वारा रिमांड पर लंबी पूछताछ की गई, और अब ईडी टीम भी उनसे पूछताछ कर रही है।

सोमवार को ईडी के अधिकारी रांची के बिरसा मुंडा जेल में पहुंचे और घंटों तक दिनेश गोप से पूछताछ की।
दिनेश गोप अन्य राज्यों में अपना काला कारोबार चलाते हैं, और उनके पीछे कई कंपनियां और निवेश हैं।
प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने इन सभी मुद्दों पर पूछताछ की। दिनेश गोप फरार होने से पहले भारत के बाहर चले गए थे, लेकिन एनआईए ने उन्हें नेपाल से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने अपने काले कारोबार से लंबे समय तक पैसे कमाए हैं, जैसे कि लेवी, हथियार तस्करी और टेरर फंडिंग।
अब ईडी उनके काले कारोबार के कमाए गए पैसों की जांच कर रही है। इसके अलावा, ईडी ने दिनेश गोप की दोनों पत्नियों के बैंक खातों के ट्रांजैक्शन पर भी पूछताछ की है।
उन्होंने दिनेश गोप के नेटवर्क, लेवी के पैसों के स्रोत और पैसों के निवेश करने वाले सहयोगी कारोबारियों के बारे में भी पूछताछ की है।
झारखंड और बिहार की पुलिस और जांच एजेंसी दिनेश गोप के आपराधिक इतिहास के आधार पर उनके काले कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में भी हैं। इससे उन्हें जेल या गिरफ्तारी से बचकर किसी अपराध को करने का मौका न दिया जाए।
हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ईडी टीम को दिनेश गोप से कितनी जानकारी मिली है। वहीं, दिनेश गोप का पुराना आपराधिक इतिहास है, जिसमें दर्जनों हत्याएं और लेवी के मामले शामिल हैं।
उनकी तलाश झारखंड और बिहार की पुलिस के साथ-साथ अन्य राज्यों की पुलिस द्वारा भी की जा रही है।







