रांची : बेरमो विधायक अनूप सिंह ईडी (ED) कार्यालय पहुंच गये हैं, जहां उनसे पूछताछ शुरू हो गई है. इससे पहले मीडिया के समक्ष अनूप सिंह नहीं आये. सिर्फ उन्होंने ये कहा कि ईडी कार्यालय से जब निकलूंगा तब तमाम चीजों को मीडिया के समक्ष रखूंगा.
झारखंड में हेमंत सोरेन (Hemant Soren) के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन सरकार को गिराने की साजिश मामले में मनी लांड्रिंग के तहत ईडी जांच कर रही है. इसी मामले को लेकर शनिवार को बेरमो (Bermo) के विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह से ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रही है.

मनी लॉन्ड्रिंग के तहत हो रही है जांच
ईडी ने रांची के अरगोड़ा थाने में कांग्रेस के बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह के बयान पर दर्ज जीरो एफआइआर को आधार बनाते हुए गत माह मनी लांड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था, इसके अलावा ईडी ने दो और कांडों को भी अपनी जांच के दायरे में लाया था. इनमें रांची के कोतवाली थाने में विधायक अनूप सिंह व धुर्वा में घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन के बयान पर दर्ज प्राथमिकी शामिल है. सभी मामलों में मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत अनुसंधान चल रहा है.
सरकार को गिराने की साजिश में थे शामिल
अरगोड़ा थाने में 31 जुलाई को दर्ज जीरो एफआइआर में अनूप सिंह ने पुलिस को बताया था कि एक दिन पहले यानी 30 जुलाई को हावड़ा में 49 लाख रुपये के साथ गिरफ्तार झारखंड के तीन विधायक डा. इरफान अंसारी, नमन विक्सल कोंगाड़ी व राजेश कच्छप ने उन्हें भी सरकार गिराने संबंधित साजिश में शामिल करने का प्रलोभन दिया था.
बेरमो विधायक अनूप सिंह: विधायकों को दस-दस करोड़ का दिया गया था ऑफर
उनका आरोप था कि झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में चल रही महागठबंधन की सरकार गिराने के लिए तीनों ही विधायकों ने साजिश रची थी. इसके लिए हर विधायकों को 10-10 करोड़ रुपये का आफर दिया गया था. गिरफ्तार विधायकों ने उन्हें भी फोन पर कोलकाता आने के लिए कहा था. यह भी आफर किया था कि अगर वे अपने साथ अन्य विधायकों को भी लेकर कोलकाता जाते हैं तो प्रत्येक विधायक को दस-दस करोड़ रुपये दिए जाएंगे. अनूप सिंह को नई सरकार में मंत्री पद का भी आफर दिया गया था.
रिपोर्ट: करिश्मा सिन्हा
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