मुजफ्फरपुर : कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बाद भी बिहार के सभी विद्यालयों को संचालित करने का आदेश अब बच्चों के जान पर भारी पड़ने लगा है। ताजा मामला मुजफ्फरपुर के बोंचहा प्रखंड के वजीरपुर मझौली से सामने आया है। जहां उत्क्रमित मध्य विद्यालय राघोपुर मझौली के छठी कक्षा के छात्र मोहम्मद कुर्बान (10 वर्ष) के ठंड से बुधवार की मौत होने की बात सामने आई है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन ने नहीं की है।
हालांकि राघोपुर मझौली के उत्क्रमित मध्य विद्यालय के शिक्षकों ने भी इस बात को स्वीकार किया है,मृत बच्चा कम कपड़ों में स्कूल पहुंचा था, जहां वह ठंड से कांप रहा था। जिसको देखकर उसे विद्यालय से तत्काल उसके घर भेज दिया गया था। जहां घर पहुंचने पर बच्चे की तबियत बिगड़ने की बात बताई गई है।
गौरतलब है की बिहार में शीतलहर को लेकर कई जिलों में डीएम के द्वारा आठवी कक्षा तक स्कूलों को बंद किया गया था। जिसके बाद शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक सभी जिले के ने सभी प्रमंडल के आयुक्त को पत्र लिखकर स्कूल बंद करने के फैसले पर आपत्ति जाहिर की थी। जिसके बाद कड़ाके की ठंड के बाद भी कई जिले में स्कूल खुले हुए है। जहां बच्चे बड़ी संख्या में स्कूल पहुंच रहे है।
लेकिन जिस तरह मुजफ्फरपुर जिले में एक स्कूली बच्चे की ठंड लगने की बात सामने आई है। उससे शिक्षा विभाग के तुगलकी फैसले पर सवाल उठना स्वाभाविक हो गया है। हालाकि मुजफ्फरपुर डीएम प्रणव कुमार ने इस मामले में फिलहाल किसी भी जानकारी से इंकार किया है। हालाकि उन्होंने ठंड और शीतलहर को लेकर आमलोगों से घर में रहने और बच्चों और बजुर्ग को लेकर विशेष एहतियात बरतने की अपील की गई है।
संतोष कुमार की रिपोर्ट

