पटना: बिहार में नई शिक्षक नियमावली के खिलाफ विरोध प्रचंड हो रहा है। राज्यभर के नियोजित शिक्षक इस नई नियमावली के खिलाफ सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस संदर्भ में शिक्षकों द्वारा एक बड़ा आंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
आज से पश्चिमी चंपारण के भितिहरवा के गांधी आश्रम से शुरू हो रहा है जिसमें बिहार राज्य अध्यापक नियमावली 2023 के विरुद्ध नियोजित शिक्षक जन जागरण और हस्ताक्षर आरंभ करेंगे।
यह दिन भारतीय इतिहास में महत्वपूर्ण होता है क्योंकि 10 जून 1917 को चंपारण सत्याग्रह के संदर्भ में पहली बार अंग्रेजी सरकार ने किसानों के साथ बातचीत के लिए अधिसूचना जारी की थी।
इसी दिन, शिक्षक संघ के सदस्य और नियोजित शिक्षक ने सरकार पर दबाव डालने के लिए जन जागरण और हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है।
नियोजित शिक्षक आज करेंगे आंदोलन
बताया जा रहा है कि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और अन्य शिक्षक संघों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सैकड़ों शिक्षक आज शनिवार को सुबह 10:00 बजे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
उसके बाद, वे तमाम पंचायत प्रतिनिधियों और आम जनता के बीच जाकर नई शिक्षक नियमावली के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करेंगे।
शिक्षकों की आपत्ति यह है कि उन्हें परीक्षा देकर शिक्षक बनने की जगह पहले से ही शिक्षक के रूप में अपनाया जाए।
इसके लिए सरकार को विभागीय स्तर पर कोई परीक्षा लेने की आवश्यकता है, लेकिन कट ऑफ मार्क्स का मापदंड गलत है। इस नई नियमावली के तहत प्रदेश में 4.50 लाख से अधिक नियोजित शिक्षक हैं और केवल 1.70 लाख पदों को भरा जाएगा, इसमें शिक्षक अभ्यर्थी भी शामिल होंगे।
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