रांची में फर्जी ई-चालान वेबसाइट बनाकर साइबर ठग ठगी कर रहे हैं। जानें फर्जी SMS की पहचान और असली ट्रैफिक चालान जांचने का तरीका।
Fake e-challans रांची: राजधानी रांची में साइबर ठगों ने ठगी का नया तरीका अपनाया है। फर्जी ई-चालान वेबसाइट बनाकर लोगों से ट्रैफिक चालान के नाम पर पैसे ऐंठे जा रहे हैं। ये नकली वेबसाइटें देखने में सरकारी आरटीओ पोर्टल जैसी होती हैं, जिससे आम लोग आसानी से इनके झांसे में आ जाते हैं। ठग एसएमएस के जरिए चालान बकाया होने का डर दिखाते हैं और लिंक भेजते हैं। लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी वेबसाइट खुलती है, जहां वाहन नंबर डालने पर मनगढ़ंत जुर्माना दिखाया जाता है। कार्ड डिटेल्स भरते ही पैसा सीधे ठगों के खाते में चला जाता है।
Fake e-challans: फर्जी ई-चालान वेबसाइट से ऐसे हो रही ठगी
रांची के मोरहाबादी निवासी एक व्यक्ति के पास भी इसी तरह का फर्जी ई-चालान वाला एसएमएस आया। संदेश में चालान लंबित होने की बात लिखी थी और भुगतान के लिए लिंक दिया गया था। सतर्कता बरतते हुए संबंधित व्यक्ति ने आधिकारिक परिवहन ऐप पर जांच की, जहां किसी भी प्रकार का चालान जारी नहीं होने की पुष्टि हुई। इससे साफ हो गया कि एसएमएस पूरी तरह फर्जी था।
विशेषज्ञों के अनुसार साइबर अपराधी लोगों की जल्दबाजी और डर का फायदा उठाते हैं। राजधानी में इन दिनों ट्रैफिक उल्लंघन पर नियमित रूप से ई-चालान भेजे जा रहे हैं, इसी वजह से लोग बिना जांच किए लिंक पर क्लिक कर देते हैं और ठगी का शिकार हो जाते हैं। इससे पहले पुणे और दिल्ली जैसे शहरों में भी फर्जी ई-चालान के जरिए ठगी की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
Key Highlights
रांची में फर्जी ई-चालान वेबसाइट से साइबर ठगी के मामले सामने आए
सरकारी पोर्टल जैसी दिखने वाली साइटों से लोगों को बनाया जा रहा शिकार
फर्जी एसएमएस के जरिए लिंक भेजकर कार्ड डिटेल्स हासिल की जा रही
पुणे और दिल्ली में भी पहले हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
चालान की पुष्टि केवल आधिकारिक परिवहन वेबसाइट या ऐप पर करें
Fake e-challans: मालवेयर एपीके और फर्जी लिंक से खतरा
साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि कई मामलों में फर्जी एसएमएस के साथ मालवेयर वाली एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक भेजा जाता है। जैसे ही यूजर उस लिंक पर क्लिक करता है या ऐप इंस्टॉल करता है, मोबाइल का डेटा खतरे में पड़ जाता है। बैंकिंग डिटेल्स, ओटीपी और कार्ड जानकारी तक ठगों की पहुंच बन जाती है, जिससे बड़ी रकम उड़ाई जा सकती है।
Fake e-challans: असली और फर्जी ई-चालान की पहचान कैसे करें
ऑनलाइन ट्रैफिक चालान का मैसेज हमेशा वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल पर ही आता है। इसमें उल्लंघन की तारीख, स्थान और जुर्माने की राशि की स्पष्ट जानकारी होती है। ऐसे संदेश आमतौर पर आधिकारिक सरकारी नंबर या अधिकृत स्रोत से भेजे जाते हैं।
यदि किसी मैसेज में पिन, ओटीपी या कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मांगी जाए, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ई-चालान का भुगतान केवल आधिकारिक परिवहन विभाग की वेबसाइट या अधिकृत ऐप के माध्यम से ही करें। किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले वेबसाइट के यूआरएल की अच्छी तरह जांच करें। चालान की पुष्टि हमेशा आधिकारिक परिवहन पोर्टल पर जाकर ही करें।
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