रांची में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की मुलाकात से सीट शेयरिंग पर हो सकता है अंतिम फैसला

रांची: झारखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव 19 अक्टूबर को रांची पहुंचने वाले हैं। इस दिन दोनों नेताओं की झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक होने की संभावना है, जिसमें गठबंधन के प्रमुख घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला होने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में गठबंधन के सभी प्रमुख दल मिलकर यह तय करेंगे कि किस पार्टी को कितनी और कौन-कौन सी सीटें मिलेंगी। चुनाव की घोषणा हो चुकी है और पहला चरण 13 नवंबर और दूसरा चरण 20 नवंबर को होना है। ऐसे में ‘इंडिया’ गठबंधन जल्द से जल्द सीट शेयरिंग के मसले को सुलझाने का प्रयास कर रहा है ताकि सभी दल अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर सकें और चुनाव प्रचार में जुट सकें।

तेजस्वी यादव 18 अक्टूबर को ही रांची पहुंच जाएंगे, जबकि राहुल गांधी 19 अक्टूबर को रांची पहुंचेंगे। इससे पहले, दिल्ली में गठबंधन की बात को लेकर भी चर्चा हो सकती है, जिसके लिए घटक दलों के प्रतिनिधियों को दिल्ली बुलाया जा सकता है। दिल्ली के बाद रांची में भी एक और बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सीटों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और राजद ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उस समय झामुमो ने 41, कांग्रेस ने 33 और राजद ने 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इस बार भी कांग्रेस और झामुमो इसी फॉर्मूले को अपनाने की योजना बना रहे हैं। लेकिन, इस बार वाम दलों की भी गठबंधन में एंट्री हुई है, जिसके कारण सीट शेयरिंग में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में वाम दलों को भी ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा बनाया गया था। माले को कोडरमा लोकसभा सीट मिली थी और अब वह विधानसभा चुनाव में भी कम से कम सात सीटें मांग रहा है। हालांकि, गठबंधन की ओर से उसे फिलहाल दो सीटें, बगोदर और निरसा, मिल सकती हैं। इसके अलावा, सीपीआई भी गठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रही है।

प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भी इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दिल्ली में जुट चुके हैं। गुरुवार को झामुमो और कांग्रेस के बीच होने वाली बैठक में सीट शेयरिंग को लेकर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है। यदि वाम दलों के साथ कोई समझौता होता है, तो तीनों प्रमुख दलों को अपने-अपने हिस्से से कुछ सीटें उन्हें देनी होंगी।

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने झारखंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर यह सुझाव दिया था कि कांग्रेस और झामुमो के बीच बैठक से पहले घटक दलों के साथ रांची या दिल्ली में एक बैठक की जाए, ताकि सीट शेयरिंग पर स्पष्टता लाई जा सके।

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