पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस ओबीसी विभाग द्वारा आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम पटना में पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बीपी मंडल की जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ओबीसी विभाग के अध्यक्ष अनुराग चंदन ने किया। अखिल भारतीय कांग्रेस ओबीसी विभाग के बिहार प्रभारी अरुण यादव ने कहा कि स्व. बीपी मंडल कांग्रेस पार्टी से 1952 मे विधायक बनकर कांग्रेस पार्टी का बिहार में पिछड़ो का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने कहा कि 1962 में दोबारा कांग्रेस पार्टी से विधायक चुने जाने पर कांग्रेस पार्टी से 1967 में स्वास्थ्य मंत्री बने।
अखिल भारतीय कांग्रेस ओबीसी विभाग के बिहार से सह प्रभारी राज कुमार मौर्य ने कहा कि 1968 में स्व. सतीश सिंह को बिहार का पहला पिछड़ा मुख्यमंत्री बनाने वाले स्व. वीपीमंडल थे। उन्होंने पिछड़े दलित एवं गरीब स्वर्ण के लिए आवाज उठाने का काम किया। पटना महानगर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शशि रंजन ने कहा कि स्व. वीपी मंडल के पिता स्व. रास बिहारी लाल मंडल ने बिहार को अकेला सन् 1885 में कांग्रेस की स्थापना मुम्बई में हुई तो अकेला कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। 1930 में जब वीपी मंडल सातवे में पढ़ते थे तो अपने भाईयों को सहर्ष जेल जाते हुए देखा। उसी वक्त से वे खद्दर पहनने लगे और कांग्रेस से जुड़ गए।
कांग्रेस विधान पार्षद डॉ. समीर कुमार सिंह ने कहा कि 1978 में स्व. इंदिरा गांधी जी जब चिकमंगलूर से संसदीय उप चुनाव जीतकर संसद गई थी। मात्र दो धंटे के निर्वतमान सरकार द्वारा प्रस्ताव पारित कर स्व. इंदिरा गांधी जी की सदन की सदस्यता समाप्त करने की कारवाई का कांग्रेस सदस्यों को छोड़ अन्य दलों के सदस्यों में एकमात्र स्व. बीपी मंडल जनता पार्टी के वरिष्ठ सांसद सदस्य होते हुए भी इस निर्णय का कड़ा विरोध किया था। मंच संचालन निशांत करपटने ने किया।
इस अवसर पर पूर्व विधान पार्षद लाल बाबू लाल, राज कुमार राजन, जय प्रकाश चैधरी, प्रवीण सिंह कुशवाहा, मंजीत आनन्द साहू, राजीव कुमार मेहता, जितेन्द्र सिंह, उदय चन्द्रवंशी, रवि गोल्डेन, खुशबू कुमारी और डॉ. पंकज सहित सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कुमार गौतम की रिपोर्ट







