
औरंगाबाद : औरंगाबाद में लोक आस्था के महापर्व छठ को लेकर पूरे बाजार अर्ध्य की सामग्री, फल, फूल एव ईंख के दुकानों से सजा हुआ था। सभी समुदाय के लोग इस मौके पर औरंगाबाद में आस्था व सुधता के साथ लोगों को अर्ध्य की समाग्री बेच रहे थे। इस मौके पर दुकानदारों से जब बात किया गया तो दोनों समुदाय के लोगों ने बताया कि छठ महापर्व की सामग्री को लेकर हम सब 15 दिन पूर्व से ही व्यवस्था में लग जाते हैं। क्योंकि यह पर्व औरंगाबाद जिला के लिए बहुत बड़ा पर्व है। जिला मुख्यालय से महज 15 किलोमीटर दूर भगवान भष्कर की नगरी देव है जहां देश के कोने-कोने से लाखों लाख की संख्या में लोग छठ पूजा करने पहुचते हैं।
आपको बता दें कि यह चार दिवसीय पर्व होता है। सभी लोग जिला मुख्यालय होकर ही जाते हैं। जिसके कारण ज्यादा समाग्री यही से लोग लेते हैं। जिसको लेकर यह अर्ध्य समाग्री का ज्यादा संख्या में दुकान लगता है। इस साल सबों को अच्छी बिक्री हुई है जिससे हम सभी लोग खुश हैं। क्योंकि साल में यह पर्व दो बार होता है। भगवान भस्कर के कृपा से अच्छी कमाई हो जाती है जिससे हम सभी का घर परिवार अच्छे से चल पाता है। वहीं खरीददारों ने भी सन्तुष्टि जाहिर करते हुए बताया कि कोई भी वस्तु बहुत महंगी नहीं है, मार्केट मिला जुला कर अच्छा है।
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भगवान भष्कर की नगरी देव में 5 लाख से ऊपर छठ व्रतियों ने खरना का प्रसाद किया अर्पित
औरंगाबाद के ऐतिहासिक भगवान भास्कर के नगरी देव में लोक आस्था के महापर्व छठ व्रती आज दूसरे दिन जिसे हम खरना के नाम से जानते हैं। छठ व्रती पूरे दिन उपवास के बाद शाम में सुधता के साथ खीर का प्रसाद बनाते हैं और भगवान भष्कर की पूजा अर्चना के बाद खीर का प्रसाद और रोटी अर्पित करते हैं। आज भगवान भष्कर की नगरी देव में तकरीबन पाच लाख से ऊपर श्रद्धालु छठ व्रत के दूसरे दिन खीर का प्रसाद अर्पित किया। इसी प्रसाद ग्रहण करने के उपरांत छठ व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास रहेंगे और कल डूबते सूर्य की अर्घ्य देने के बाद आठ तारीख को सुबह उगते सूर्य की अर्ध्य देकर इस व्रत का समापन करेंगे।

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दीनानाथ मौआर की रिपोर्ट
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