रांची / लखनऊ : Good News – केंद्र सरकार की झारखंड-छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात, गुमला से रायपुर के बीच नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर को मिली मंजूरी। अपने तीसरे टर्म में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के क्रम में लगातार बड़े फैसले रहे हैं। इस क्रम में सत्ता की सियासत के लिहाज से अहम कहे जाने वाले राज्यों पर विशेष फोकस रखने की बजाय अब तक विकास के लिहाज से देश में पिछड़ों में गिने जाने वाले राज्यों पर खास फोकस है। इसी क्रम में मोदी सरकार ने देश में बेहतर सड़क संपर्क के लिए बड़ा फैसला लेते हुए 50 हजार 655 करोड़ रुपये की लागत से 936 किलोमीटर लंबाई के कुल आठ नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने का फैसला लिया है। इनमें से एक कॉरीडोर झारखंड से छत्तीसगढ़ के बीच का भी है।
झारखंड से छत्तीसगढ़ के बीच का कॉरीडोर फोर लेन वाला होगा, 4473 करोड़ रुपये मंजूर
केंद्र सरकार की ओर से स्वीकृत आठों परियोजनाओं में आदिवासी और मूलवासी बहुल झारखंड और छत्तीसगढ़ का खास ख्याल रखा गया है। घोषित परियोजनाओं में से एक महत्वपूर्ण परियोजना रायपुर-रांची नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर है। इस पर 4,473 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान व्यक्त करते हुए यह राशि खर्च के लिए स्वीकृत कर दी गई है। इसके बनने से झारखंड के गुमला से छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव तक का सफर आसान हो जाएगा। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर फोर लेन का होगा।
6 घंटे में तय होगा रांची टू रायपुर
अभी झारखंड के गुमला से छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव के बीच की दूरी लगभग 155 किलोमीटर है। इस कॉरिडोर के बनने से लोगों को कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इससे व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। माना रहा है कि इस नेशनल हाई स्पीड कॉरिडोर बन जाने के बाद रांची से रायपुर की दूरी सिर्फ छह घंटे में पूरी हो सकेगी। अभी रांची से रायपुर जाने में करीब 11.30 घंटे का वक्त लगता है।
अर्जुन मुंडा और सीएम विष्णुदेव साय ने पीएम का जताया अभार
केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा और छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र के प्रति आभार जताया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि इस हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण से झारखंड और छत्तीसगढ़ के विकास को गति मिलेगी। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव से गुमला तक फोर लेन सड़क निर्माण से राजधानी रायपुर से रांची का सफर आसान हो जाएगा। इससे समय की बचत होगी। साथ ही सड़क दोनों राज्यों के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
आठों परियोजना में कुल 4.42 करोड़ को मिलेगा रोजगार, यूपी को भी मिली सौगात
नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को ही इस मसौदे को स्वीकृति दे दी। इसके तहत कुल आठ परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से ढुलाई क्षमता बढ़ेगी और आवागमन आसान होगा। इससे करीब 4.42 करोड़ लोगों को रोजगार भी मिलेगा। बताया जा रहा है कि केंद्र द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं की कड़ी में उत्तर प्रदेश के लिए 6-लेन के आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर, 4-लेन अयोध्या रिंग रोड और 6-लेन कानपुर रिंग रोड को मंजूरी मिली है। इससे उत्तर प्रदेश के सर्वसमावेशी विकास की गति को कई गुना बढ़ने की उम्मीद जगी है।
सीएम योगी ने पीएम मोदी का जताया आभार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बताया कि ये परियोजनाएं यात्रा को सुगम तो बनाएंगी ही, इनसे उद्योग, व्यापार व पर्यटन को भी व्यापक बढ़ावा मिलेगा। साथ ही ग्रामीण-शहरी संपर्क और मजबूत होगा। इनसे हजारों-लाखों रोजगार के नए अवसर सृजित होने जा रहे हैं। सीएम योगी ने आगे कहा कि क्रांतिकारी परिवर्तन लाने जा रहीं ये परियोजनाएं श्री अयोध्या धाम के विकास के साथ-साथ प्रदेश को आध्यात्मिक और आर्थिक विकास का केंद्र बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होंगी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हाई-स्पीड कॉरीडोर को स्वीकृति दिए जाने में यूपी के हित का भी खास ध्यान रखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

