सरकारी दस्तावेज में मृत, लेकिन व्यक्ति है जीवित, निः संतान बताकर हड़पा गया जमीन

रांची :  कांग्रेस की ओर से हफ्ते में एक दिन कांग्रेस कार्यालय में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन होता है जिसमें कांग्रेस कोटे के मंत्री फरियादियों की फरियाद सुनकर उनकी समस्या का निदान करते है. सुनवाई में अधिकांश मामले जमीन से संबंधित आते है.

गौरतलब है कि जनसुनवाई के दौरान पतरातु से एक चौकाने वाली खबर मंत्री के पास आया.दरअसल लोकनाथ सिंह ने खुद को जीवित बताया और बताया की सरकारी दस्तावेजो में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि उन्हें निसंतान बताया गया.

क्या है मामला

पतरातु से आए लोकनाथ सिंह ने बताया की उन्हें भाई के द्वारा जमीन हड़पने के लिए भू माफिया और सीओ ने पैसे की वजह से मृत घोषित कर दिया है.इस मामले की जानकारी मिलते ही ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा है कि पूरे मामले की जांच होगी और जो भी दोषी पाए जाएंगे उसपर शख्त करवाई करने का निर्देश दिया गया है.

न्याय के लिए भटक रहे पतरातु निवासी लोकनाथ सिंह

कांग्रेस की ओर से जनसुनवाई कार्यक्रम में दूर दराज से फरियादी अपने फरियाद लेकर पहुंचते हैं इस बीच आज पतरातू निवासी लोकनाथ सिंह भी मंत्री के पास पहुंचकर अपनी समस्या से अवगत कराते हुए नजर आ रहे थे .

दरअसल लोकनाथ सिंह ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि वह अब तक कई जगहों पर अपने जिंदा होने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है साथ ही उन्होंने बताया कि परिवार के की सदस्यों को भी भू माफिया ने मृत घोषित कर दिया है.

इसके साथ ही लोकनाथ सिंह के बेटे ने बताया कि उनके पिता को मृत घोषित के साथ-साथ निसंतान कर उनकी जमीन बेच दी गई है कई बार अंचल अधिकारी से शिकायत भी की गई लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है.

दिव्यांग गुलशन ने मदद की लगाई गुहार

रांची के कई इलाकों से भी कई फरियादी कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे. इस बीच ओरमांझी की निवासी गुलशन भी अपनी शिकायत लेकर कांग्रेस कार्यालय पहुंची.

दरअसल गुलशन दिव्यांग है और गुलशन की माने तो गुलशन का कहना है कि वह गरीब है और सरकार की ओर से उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिलती है.इसको लेकर गुलशन ने मंत्री आलमगीर आलम से मदद की गुहार लगाई है, ताकि गुलशन अपनी जिंदगी गुजार सके.

जनसुनवाई के बाद आलमगीर आलम ने कहा कि सभी फरियादियों की कि जा रही मदद

फरजादियों की फरियाद सुनने के बाद मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि ज्यादातर मामले जमीन से जुड़े आते हैं लेकिन जो लोग अपनी मांग लेकर पहुंचते हैं मेरी कोशिश यही रहती है कि उनकी जो समस्या है वह दूर हो सके और संबंधित जो अधिकारी या मंत्री होते हैं मैं उन्हें खुद आवेदन देकर उन्हें इस बात से अवगत कराता हूं कि इन्हें मदद मिलनी चाहिए साथ ही आलमगीर आलम ने कहा कि आज एक ऐसा मामला पतरातू से आया है जिसको सुनने के बाद मैं खुद चौक गया कि एक जीवित व्यक्ति सरकारी दस्तावेज में मर चुका है,लेकिन उनकी जो मांग है और जो समस्या है उसे जरूर दूर करने की कोशिश करूंगा।

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