प्रीपेड Smart Meter उपभोक्ताओं को बड़ा झटका पुराने बकाये का एरियर जनवरी बिल में जुड़ा, विभाग ने मानी देरी

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प्रीपेड Smart Meter उपभोक्ताओं को बड़ा झटका पुराने बकाये का एरियर जनवरी बिल में जुड़ा, विभाग ने मानी देरी
प्रीपेड Smart Meter उपभोक्ताओं को बड़ा झटका पुराने बकाये का एरियर जनवरी बिल में जुड़ा, विभाग ने मानी देरी
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Smart Meter: प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को जनवरी बिल में पुराने पोस्टपेड बकाये का एरियर भेजा गया। तकनीकी कारणों से हुई देरी पर बिजली विभाग ने खेद जताया।

 Smart Meter रांची: प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए जनवरी माह का बिजली बिल परेशानी का सबब बन गया है। शहर के कई इलाकों में उपभोक्ताओं को अचानक 2000 से लेकर 10 हजार रुपये तक का एरियर भेज दिया गया है। यह राशि पुराने पोस्टपेड मीटर के बकाये से जुड़ी बताई जा रही है, जिसे पहले कभी बिल में नहीं जोड़ा गया था। अचानक इतनी बड़ी रकम देखकर उपभोक्ता हैरान हैं और विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं।

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 Smart Meter : क्यों अचानक जुड़ गया पुराना बकाया
जांच में सामने आया है कि जब पोस्टपेड मीटर हटाकर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए गए, उस समय पुराने बकाये की राशि नए मीटर सिस्टम में अपलोड नहीं हो सकी थी। इसी दौरान स्मार्ट मीटर लगाने वाली एजेंसी भी बदली। पहले जीनस कंपनी द्वारा मीटर लगाए जा रहे थे, जबकि बाद में टेक्नो कंपनी ने यह कार्य संभाला। दोनों कंपनियों के बीच डाटा ट्रांसफर के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कई उपभोक्ताओं का पोस्टपेड बकाया कभी बिल में जोड़ा ही नहीं गया था, जिसे अब जनवरी के बिल में एरियर के रूप में दर्शाया गया है।


Key Highlights

प्रीपेड स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को जनवरी बिल में पुराने बकाये का एरियर

पोस्टपेड से प्रीपेड मीटर बदलाव के दौरान डाटा अपलोड में चूक

2000 से 10 हजार रुपये तक के अतिरिक्त बिल से उपभोक्ता परेशान

बिजली विभाग ने देरी स्वीकार की और खेद जताया

एकमुश्त भुगतान न कर पाने वालों को किस्तों में राहत


 Smart Meter : उपभोक्ताओं की शिकायत क्या है
नगड़ा टोली निवासी विजय कुमार तिवारी ने बताया कि नवंबर 2025 में उनका बिल 1397.47 रुपये आया था, जिसे उन्होंने समय पर जमा किया। लेकिन जनवरी में जब दिसंबर का बिल आया तो उसमें करीब 8910 रुपये का एरियर जोड़ दिया गया। ऐसे ही हालात सैकड़ों उपभोक्ताओं के हैं, जो अलग अलग सब डिविजन कार्यालयों में जाकर अपने पुराने बिलों की जानकारी देने को मजबूर हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि वे हर महीने भुगतान करते आए हैं, फिर अचानक वर्षों पुराना बकाया कैसे सामने आ गया।

 Smart Meter : विभाग ने क्या सफाई दी
बिजली विभाग का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं का पोस्टपेड बिल तकनीकी कारणों से छूट गया था, उनके खातों की जांच के बाद अब सही बकाया जोड़ा जा रहा है। इस संबंध में डीएन साहू अधीक्षण अभियंता, रांची सर्किल ने बताया कि देरी जरूर हुई है और इसके लिए उपभोक्ताओं से खेद है। यह समस्या कुछ ही उपभोक्ताओं के साथ हुई है। जिन उपभोक्ताओं को एकमुश्त भुगतान में परेशानी हो रही है, उन्हें किस्तों में राशि जमा करने की सुविधा दी जाएगी।

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