Gumla: जिले के जारी प्रखंड में हाल ही में बनी एक सड़क, जो परमवीर अल्बर्ट एक्का के क्षेत्र अंतर्गत बेतरी मोड़ से बेतरी गांव तक जाती है, निर्माण के महज 8 दिनों के भीतर ही धंसने लगी है। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष उत्पन्न कर दिया है, जिन्होंने निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितता का आरोप लगाया है और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
Gumla: कालीकरण में घोर लापरवाही
लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी यह सड़क बिहारी कंस्ट्रक्शन द्वारा बनाई गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के कालीकरण में घोर लापरवाही बरती गई है। पहली ही बारिश में सड़क पर दरारें पड़ने लगी हैं और कई जगहों से डामर भी उखड़ने लगा है, जिससे सरकारी पैसे की बर्बादी स्पष्ट दिख रही है। सरकारी पैसे की बर्बादी के लिए विभाग या ठेकेदार, कौन दोषी?
Gumla: मिट्टी धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण के दौरान रोलर का ठीक से उपयोग नहीं किया गया, जिससे मिट्टी में पर्याप्त वाइब्रेशन नहीं हुआ और सड़क की सतह मजबूत नहीं हो सकी। इसी का परिणाम है कि भारी वाहनों के गुजरने से सड़क की मिट्टी दबने लगी है और जगह-जगह सड़क धंसने लगी है। यह सीधा-सीधा ठेकेदार की अनियमितता को उजागर करता है। सड़क के कई स्थानों पर किनारे की मिट्टी धंसने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा मंडरा रहा है।
Gumla: कभी भी कोई दुर्घटना हो सकती है
ग्रामीणों ने चिंता जताई है कि अगर जल्द ही इस सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य की जांच नहीं की गई तो कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस घटिया निर्माण कार्य में विभाग की मिलीभगत या लापरवाही भी हो सकती है, क्योंकि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी करना विभाग का ही काम है। ग्रामीणों ने अब इस पूरे मामले की गहन जांच और दोषियों ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
वहीं पहली ही बरसात में इस सड़क की “पोल खुलना” यह दर्शाता है कि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया है। क्या संबंधित विभाग इस मामले पर कोई कार्रवाई करेगा, या ग्रामीण इसी तरह घटिया सड़कों पर चलने को मजबूर रहेंगे?
सुंदरम केशरी की रिपोर्ट
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