रांची : सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई.
इस दौरान बहस पूरी नहीं हो पाई.
जिसके बाद अदालत ने अगली सुनवाई 28 जून को निर्धारित की है.
इस संबंध में भास्कर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है.
याचिका में आरोप लगाया गया है कि जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दे दिया है.
जबकि राज्य सरकार के पास ऐसी कोई नीति नहीं है.
जिसके तहत आरक्षण दिया जा सके. इसलिए पीटी के परिणाम को रद्द किया जाए.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछे थे कई सवाल
बता दें कि इससे पहले अदालत ने पूछा कि जेपीएससी अब इस मामले में क्या संशोधित रिजल्ट जारी करेगी. अदालत इस बात को लेकर भी काफी नाराज था कि जेपीएससी को इस मामले में इतनी जल्दी साक्षात्कार की जरूरत क्या थी. जब जेपीएससी की ओर से जुलाई में साक्षात्कार कराने की तिथि निर्धारित की गई थी. ऐसा करने से हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में है और जिन्हें साक्षात्कार में बुलाया गया है. उनकी नौकरी के प्रति अपेक्षा बढ़ गई है. ऐसे में जेपीएससी के चेयरमैन और सेक्रेटरी अदालत में हाजिर होकर बताएं कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है. कब तक जेपीएससी के कार्यशैली में सुधार होगा.
प्रार्थी ने की परिणाम को रद्द करने की अपील
बता दें कि इस संबंध में प्रार्थी भास्कर की ओर से झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है उनके अधिवक्ता अमृतांश की ओर से अदालत को बताया गया कि सहायक अभियंता नियुक्ति मामले में जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा में आरक्षण दे दिया है, जो झारखंड सरकार की नियुक्ति नियमावली के अनुसार नहीं है. इसलिए इस परिणाम को रद्द किया जाए.
रिपोर्ट: प्रोजेश दास
Ranchi- सहायक अभियंता नियुक्ति में मामले में हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा
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