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विश्वास महारैली में जेपी नड्डा का सीएम हेमंत पर तंज- ऑफिसर के घर पैसा मिला और दर्द हो रहा उनको

रांची : मोरहाबादी में आयोजित विश्वास महारैली को संबोधित करते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने

राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि हेमंत सोरेन और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के समान है.

ऐसी सरकार को हटा देना चाहिए.

राज्य में जब से झामुमो की सरकार बनी है तब से यहां नक्सली की घटना बढ़ी है.

उन्होंने कहा कि हैरत की बात है कि सीएम रहते हेमंत सोरेन अपने नाम से लीज लेते हैं.

रूप तिर्की हत्याकांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस हत्या में मुख्यमंत्री के करीबी का हाथ है.

ईडी की कार्रवाई पर नड्डा ने कहा कि

ऑफिसर के घर पैसा मिलता है तो दर्द सरकार को हो रही है. कांग्रेस को हेमंत सोरेन की तरह

अपनी जमीन याद आती है. 2024 में भाजापा की सरकार फिर से बनेगी.

11 प्रतिशत रह गया गरीबी की रेखा

जेपी नड्डा ने कहा कि गरीबी की रेखा 11 प्रतिशत रह गया है. 10 प्रतिशत बाहर हो गई है. अती गरीबी में मात्र 1 प्रतिशत से भी कम है. पहले 11 करोड़ महिला शौच के लिए बाहर जाती थी, लेकिन बीजेपी की सरकार आते ही इसे बदल दिया. अब महिलाएं बाहर नहीं घर में शौच जाती है. सरकार ने घर-घर शौचालय बनाने का काम किया. एनडीए सरकार की योजनाओं को गिनाते हुए जेपी नड्डा ने कहा कि ने देश में 5 करोड़ लोगों को आयुष्मान कार्ड दिया. जिसमें 90 लाख आदिवासी समाज को मिला है. 3 करोड़ पक्के मकान दिये गए. बचपने में हम जब रांची आया करते थे तो यहां कच्चे मकान हुए करते थे.

ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गुजरात में निकलेगा बिरसा मुंडा यात्रा

उन्होंने कहा कि झारखंड के अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़ और गुजरात में भगवान बिरसा मुंडा यात्रा निकाली जायेगी. नड्डा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर आने का सौभाग्य मिला है. आदिवासियों की चिंता हमेशा से बीजेपी करती आयी है. हमारी पार्टी आदिवासी के साथ है.

हेमंत सरकार के कथनी और करनी में अंतर

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि आदिवासी समाज देश प्रेम में आगे रहा है. आजादी के आंदोलन से पहले आदिवासी समाज ने लोहा लिया. गांधी जी के आने से पहले से ही आदिवासी समाज अंग्रेजों के विरुद्ध रहा. आदिवासी समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है. जनसंघ के समय से बीजेपी ने इस समाज को नहीं भूला है. वर्तमान सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार की कथनी और करनी में अंतर है. आदिवासी समाज के नाम पर इस सरकार ने सिर्फ अपना ही घरा भरा है. मोदी सरकार ने जनजातीय मंत्रालय बनाने का काम किया. वर्तमान केंद्रीय कैबिनेट में आठ मंत्री एसटी के हैं, और दो राज्यपाल भी एसटी से है.

रिपोर्ट: शाहनवाज

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