राची: आईएमए और झासा के आह्वान पर राज्यभर के 15,000 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी डॉक्टरों का अनिश्चितकालीन काम बंद करेंगे, शुक्रवार सुबह 6:00 बजे से डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन काम बंद करेंगे।
डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन काम बंदी जमशेदपुर एमजीएम मे शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश उरांव के साथ मरपीटी की घटना के विरोध में है। इस आंदोलन के परिणामस्वरूप, सरकारी डॉक्टरों के सभी अस्पताल में डॉक्टर उपस्थित होंगे, लेकिन वे मरीजों को परामर्श नहीं देंगे। निजी अस्पतालों में भी ओपीडी सेवाएं बंद रहेंगी, हालांकि सभी आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
इस दौरान पोस्टमार्टम भी किये जायेगें। इस मामले मे डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी जब तक नहीं होगी तब तक डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगा।
जमशेदपुर के साकची थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, डॉक्टर ने बताया कि शिशु विभाग में इलाजरत अन्नू प्रधान की स्थिति काफी गंभीर थी, और परिजनों को इसकी जानकारी दी जा रही थी।
बच्ची की मौत के बाद, 10 से 15 लोग पीआइसीयू में प्रवेश करने की कोशिश की, और इन लोगों ने गालीगलौज करते हुए डॉक्टर के साथ मारपीट की।







