नई दिल्ली : जगदीप धनखड़ ने देश के 14वें उपराष्ट्रपति के तौर पर गुरुवार दोपहर को शपथ ली.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धनखड़ को शपथ दिलाई.
निर्वाचित उपराष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद,
निवर्तमान उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,
गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई मंत्री मौजूद रहे.
चुनाव में जगदीप धनखड़ को मिले 525 वोट
इससे पहले जगदीप धनखड़ ने बापू के स्मारक गए, जहां उन्होंने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
जगदीप धनखड़ का शपथ ग्रहण समारोह दोपहर साढ़े 12 बजे राष्ट्रपति भवन में हुआ.
बता दें 6 अगस्त को संपन्न हुए उपराष्ट्रपति के चुनाव में कुल 725 सांसद ने वोट दिया. इसमें 710 मत वैध और 15 वोट अवैध पाये गए. इस में जगदीप धनखड़ को 525 और मार्गरेट अल्वा को 182 वोट मिले थे.
किसान परिवार से आते हैं जगदीप धनखड़
जगदीप धनखड़ मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनू से एक किसान परिवार से आते हैं. पिता गोकुल चंद्र धनखड़ किसान थे. उनके पास राजनीति का करीब 30 वर्षों का अनुभव है. 1989 में वह सक्रिय राजनीति उतरे थे. धनखड़ पेशे से वकील भी है. कानून की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने वकालत शुरू कर दी थी और 1990 में राजस्थान हाईकोर्ट में वह सीनियर एडवोकेट बन गए. उन्होंने हाईकोर्ट से लेकर देश की शीर्ष अदालत सुप्रीम कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस की. धनखड़ देश की गिनती देश के जाने-माने वकीलों में होती है.
20 जुलाई 2019 को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बने थे धनखड़
पहली बार वह जनता दल के टिकट पर झुंझुनू से सांसद चुने थे. 1990 में चंद्र शेखर सरकार में उन्हें केंद्रीय मंत्री की भी जिम्मेदारी मिल चुकी है. 1993 से 98 तक वह धनखड़ विधायक भी रहे. भारत सरकार ने उन्हें 20 जुलाई 2019 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया था. उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद उन्होंने राज्यपाल के पद से इस्तीफ दे दिया था.
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