Jamshedpur Health Alert: MGM Hospital में Fake Medical Degree पर Doctors की जांच शुरू

जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज अस्पताल में Fake Medical Degree से डॉक्टरों की नियुक्ति का मामला। FMGE Fraud की शिकायत के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी जांच के आदेश दिए।


Jamshedpur Health Alert : जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल और जिला स्वास्थ्य विभाग में विदेशों की फर्जी मेडिकल डिग्री के आधार पर कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति और प्रैक्टिस का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। ई-मेल के जरिए मिली शिकायत के बाद झारखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है और राज्यभर में जांच के आदेश जारी किए गए हैं। शिकायत में Fake Medical Degree और FMGE Fraud के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त ई-मेल में दावा किया गया है कि विदेश से एमबीबीएस करने वाले कुछ अभ्यर्थी एफएमजीई परीक्षा में असफल होने के बाद फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर सरकारी अस्पतालों में नियुक्त हो गए। आरोप है कि करीब 20 डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में कार्यरत हैं, जबकि 50 से अधिक निजी प्रैक्टिस कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि इससे मरीजों की जान पर सीधा खतरा है।


Key Highlights:

जमशेदपुर के MGM Medical College Hospital में फर्जी डिग्री का मामला

• ई-मेल शिकायत के बाद राज्यभर में जांच के आदेश

• Fake Medical Degree और FMGE Fraud के आरोप

• 20 डॉक्टर सरकारी, 50 से अधिक निजी प्रैक्टिस में संदिग्ध

• फर्जी पाए जाने पर सेवा समाप्ति और आपराधिक कार्रवाई के निर्देश


मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक प्रमुख डॉ. सिद्धार्थ सान्याल ने एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य, अधीक्षक, जमशेदपुर के सिविल सर्जन समेत राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों और सिविल सर्जनों को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। सभी संस्थानों को डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता, पंजीकरण और एफएमजीई प्रमाणपत्रों की गहन जांच करने को कहा गया है।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि कोई डॉक्टर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर कार्यरत पाया जाता है, तो उसकी सेवा समाप्त कर आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराने और राष्ट्रीय स्तर पर मेडिकल रेगुलेटरी ऑडिट कराने की मांग भी की गई है।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, जमशेदपुर के अध्यक्ष डॉ. जीसी माझी ने कहा कि फर्जी डॉक्टरों से इलाज के कारण गलत दवाएं और जांच होती हैं, जिससे मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। कई मामलों में मरीजों की जान तक जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आईएमए की ओर से पहले ही प्रशासन को फर्जी डॉक्टरों की सूची सौंपी जा चुकी है, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

विदेश से मेडिकल शिक्षा प्राप्त डॉक्टरों के भारत में प्रैक्टिस करने के नियम

विदेश से मेडिकल डिग्री प्राप्त करने वाले डॉक्टरों को भारत में चिकित्सा अभ्यास करने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। उनकी प्राथमिक मेडिकल डिग्री का राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मान्यता प्राप्त होना आवश्यक है। अधिकांश विदेशी मेडिकल स्नातकों को अपनी योग्यता और चिकित्सकीय ज्ञान साबित करने के लिए फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्ज़ामिनेशन (FMGE) या लागू होने पर नेशनल एग्ज़िट टेस्ट (NExT) उत्तीर्ण करना होता है। इसके अतिरिक्त, यदि विदेश में की गई इंटर्नशिप मान्य नहीं है, तो भारत में अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होती है। इन सभी शर्तों को पूरा करने के बाद ही डॉक्टर राज्य चिकित्सा परिषद या NMC में पंजीकरण कराकर भारत में कानूनी रूप से चिकित्सा अभ्यास कर सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

प्रश्न 1: क्या विदेश से एमबीबीएस करने वाले सभी डॉक्टरों को भारत में परीक्षा देनी होती है?
हाँ, अधिकांश विदेशी मेडिकल स्नातकों को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए FMGE या लागू होने पर NExT परीक्षा उत्तीर्ण करनी होती है।

प्रश्न 2: भारत में प्रैक्टिस के लिए किस संस्था से मान्यता आवश्यक है?
डॉक्टर की मेडिकल डिग्री को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) से मान्यता प्राप्त होना अनिवार्य है।

प्रश्न 3: क्या विदेश में की गई इंटर्नशिप भारत में मान्य होती है?
यह देश और विश्वविद्यालय पर निर्भर करता है। यदि इंटर्नशिप NMC के मानकों के अनुसार नहीं है, तो भारत में दोबारा इंटर्नशिप करनी होती है।

प्रश्न 4: FMGE और NExT में क्या अंतर है?
FMGE एक स्क्रीनिंग परीक्षा है जो विदेशी मेडिकल स्नातकों के लिए होती है, जबकि NExT भविष्य में सभी मेडिकल स्नातकों के लिए एक समान लाइसेंसिंग परीक्षा के रूप में लागू की जा रही है।

प्रश्न 5: परीक्षा पास करने के बाद क्या करना आवश्यक होता है?
परीक्षा और इंटर्नशिप पूरी करने के बाद डॉक्टर को राज्य चिकित्सा परिषद या NMC में पंजीकरण कराना होता है, तभी वे भारत में कानूनी रूप से प्रैक्टिस कर सकते हैं।

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