Jamtara Ambulance Scam में मरीज की मौत के बाद परिजनों से पैसे मांगने और धमकी देने का वीडियो सामने आया, स्वास्थ्य मंत्री ने सख्त कार्रवाई के संकेत दिए
Jamtara Ambulance Scam जामताड़ा : जामताड़ा जिले से सामने आया यह मामला झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। एक मरीज की मौत के बाद भी उसके परिजनों को एंबुलेंस सेवा के लिए जूझना पड़ा और उन पर पैसे देने का दबाव बनाया गया। इस घटना से यह साफ होता है कि कुछ लोग सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को कमाई का जरिया बना चुके हैं।
मुर्गा पहाड़ी गांव निवासी संजय मुर्मू को 5 जनवरी 2026 की शाम जामताड़ा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 12 जनवरी 2026 की रात करीब दो बजे उनकी मौत हो गई। सुबह परिजनों ने शव को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन मदद मिलने की जगह उन्हें बार बार टालमटोल और असंवेदनशील रवैये का सामना करना पड़ा।
Jamtara Ambulance Scam: शव ले जाने के लिए घंटों भटकते रहे परिजन
मृतक की बहन मीणा मुर्मू अस्पताल परिसर में रोती बिलखती मदद की गुहार लगाती रहीं, लेकिन किसी ने उनकी सुध नहीं ली। पहले चालक ने आने से मना कर दिया और दूसरे ने समय देने के बावजूद एंबुलेंस नहीं भेजी। परिजनों का आरोप है कि उन्हें लगातार झूठा आश्वासन दिया जाता रहा और शव घंटों अस्पताल में पड़ा रहा।
Key Highlights
जामताड़ा सदर अस्पताल में भर्ती मरीज की मौत के बाद एंबुलेंस नहीं पहुंची
परिजनों से शव ले जाने के बदले पैसे मांगने का आरोप
धमकी देते एंबुलेंस चालक का वीडियो सामने आया
सिविल सर्जन ने जांच और कार्रवाई की बात कही
स्वास्थ्य मंत्री के प्रतिनिधि ने दोषियों को हटाने का भरोसा दिया
Jamtara Ambulance Scam: पैसे मांगने और धमकी देने का वीडियो वायरल
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू वह वीडियो है, जिसमें एंबुलेंस चालक खुले तौर पर कहता दिखाई दे रहा है कि खर्चा लगेगा। जब परिजन पैसे देने से इनकार करते हैं तो चालक धमकी देता है कि पैसे नहीं दोगे तो घर के सामने उतार देंगे। जिस व्यक्ति को धमकी दी गई, वह मृतक का ही रिश्तेदार बताया जा रहा है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहा है।
Jamtara Ambulance Scam: मंत्री के प्रतिनिधि ने दिया सख्त कार्रवाई का भरोसा
मामले पर जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन सोरेन ने कहा है कि यदि जांच में लापरवाही या अवैध वसूली की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के प्रतिनिधि अजहरुद्दीन अंसारी ने भी साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और गलती करने वालों को तुरंत हटाया जाएगा। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या वाकई पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा या यह मामला भी सिस्टम की फाइलों में दब कर रह जाएगा।
सिराज आलम जामताड़ा से
Highlights

