झारखंड सरकार डिजिटल, सोशल और न्यू मीडिया के लिए पॉलिसी लाने जा रही है। सूचीबद्ध होने के लिए कड़े मानदंड और राष्ट्रविरोधी कंटेंट पर ब्लैकलिस्टिंग का प्रावधान शामिल।
Jharkhand New Media Policy रांची: झारखंड अब जल्द ही सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया और न्यू मीडिया के लिए आधिकारिक पॉलिसी लागू करने वाला देश का तीसरा राज्य बनने जा रहा है। इससे पहले बिहार और पंजाब ने इस प्रकार की नीति लागू की है। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार की जा रही इस पॉलिसी का ड्राफ्ट अंतिम चरण में है और सरकार की मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा।
Key Highlights
झारखंड देश का तीसरा राज्य होगा जहां डिजिटल मीडिया पॉलिसी लागू
सरकारी विज्ञापन सीधे IPDRD के माध्यम से दिए जाएंगे
राष्ट्रविरोधी, अश्लील और साम्प्रदायिक सामग्री पर ब्लैकलिस्ट व सूचीबद्धता रद्द
सूचीबद्ध होने के लिए सब्सक्राइबर-फॉलोअर और मूल कंटेंट के मानदंड
ड्राफ्ट तैयार, जल्द मिल सकती है सरकार से मंजूरी
Jharkhand New Media Policy: मुख्य उद्देश्य – पारदर्शिता और जनजागरूकता
पॉलिसी का लक्ष्य डिजिटल माध्यमों के जरिए जनजागरूकता बढ़ाना और सरकारी विज्ञापनों के वितरण में पारदर्शिता लाना है। फिलहाल राज्य में कोई अधिकृत नीति न होने के कारण कई सोशल मीडिया और वेब मीडिया प्लेटफॉर्म्स को आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से विज्ञापन दिए जा रहे हैं। नई नीति लागू होने के बाद चयनित मीडिया संस्थानों को सीधे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से विज्ञापन मिल सकेगा।
Jharkhand New Media Policy: पॉलिसी में शामिल होंगे ये डिजिटल प्लेटफॉर्म
फेसबुक
इंस्टाग्राम
यूट्यूब
एक्स (ट्विटर)
न्यूज वेबसाइट्स और पोर्टल
मोबाइल न्यूज ऐप्स
डिजिटल इंफ्लूएंसर्स
साथ ही पॉलिसी में भ्रामक, अश्लील, राष्ट्रविरोधी या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाली सामग्री प्रकाशित करने पर लिस्टिंग रद्द करने और ब्लैकलिस्ट करने का सख्त प्रावधान रखा गया है।
Jharkhand New Media Policy: सूचीबद्ध होने के लिए कड़े मानदंड
न्यू मीडिया प्लेटफॉर्म्स को सूचीबद्ध होने के लिए कई न्यूनतम मानक पूरे करने होंगे।
उदाहरण
यूट्यूब श्रेणी A – न्यूनतम 10 लाख सब्सक्राइबर्स और प्रति माह कम से कम 12 मूल वीडियो
एक्स श्रेणी A – 5 लाख फॉलोअर्स और हर महीने 15 वीडियो या 30 पोस्ट
वेब मीडिया – पिछले छह महीनों के औसत यूनिक यूजर्स का प्रमाणित डाटा (जांच Google Analytics जैसे अंतरराष्ट्रीय टूल से)
इसके अलावा केवल भारतीय संचालित या भारत में पंजीकृत कार्यालय वाली विदेशी कंपनियों की वेबसाइट्स ही मान्य होंगी।
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