जुलाई 2025 में झारखंड पुलिस ने सड़क सुरक्षा, नक्सल अभियान और साइबर अपराध नियंत्रण में बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं, 280 सड़क हादसों में मौतें दर्ज।
रांची: झारखंड पुलिस ने जुलाई 2025 में सड़क सुरक्षा, नक्सल अभियान और साइबर अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं। सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में व्यापक अभियान चलाया गया, जिसके तहत 94,823 लोगों को जागरूक किया गया। पुलिस ने 267 अधिकारियों को फर्स्ट एड किट का प्रशिक्षण दिया और 288 अधिकारियों के मोबाइल में जीपीएस मैप कैमरा लाइट ऐप इंस्टॉल किया गया। इसके अलावा 1284 पुलिस अधिकारियों को ई-डार और आई-राड प्लेटफॉर्म का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे दुर्घटनाओं के आंकड़े और सड़कों पर ब्लैक स्पॉट की निगरानी बेहतर हो सके।

मोटर व्हीकल एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई और जुलाई महीने में 1,21,950 लोगों पर बिना हेलमेट वाहन चलाने के लिए जुर्माना लगाया गया। इसी तरह बिना लाइसेंस 2499, तेज गति से गाड़ी चलाने पर 2515, रेड सिग्नल तोड़ने पर 1776 और नशे में वाहन चलाने पर 185 चालकों पर कार्रवाई हुई। दोपहिया वाहन पर पीछे बैठे यात्री द्वारा हेलमेट नहीं पहनने पर 2093 मामलों में कार्रवाई की गई। इस दौरान सड़क दुर्घटनाओं में पूरे राज्य में 280 लोगों की मौत हुई, जिनमें रांची में सबसे ज्यादा 39, हजारीबाग में 28 और सरायकेला में 26 लोगों की जान गई।
नक्सल विरोधी अभियान में झारखंड पुलिस ने जुलाई महीने में बड़ी सफलता हासिल की। इस दौरान पुलिस ने नक्सलियों से 10 हथियार, जिनमें लूटा गया पुलिस का हथियार भी शामिल है, और 544 गोलियां बरामद कीं। इसके साथ ही 18,020 डेटोनेटर बरामद किए गए और 95 आईईडी को निष्क्रिय किया गया। चाईबासा जिले के कराईकेला में जमीन में गाड़े गए 34.99 लाख रुपये नकद की बरामदगी भी हुई। पूरे महीने में 28 नक्सली गिरफ्तार किए गए, जिनमें जेजेपीएम संगठन का प्रवीन एक्का भी शामिल था। इसके अलावा 5 लाख का इनामी नक्सली लवलेश गंझू ने लातेहार में आत्मसमर्पण किया। पुलिस मुठभेड़ में 4 नक्सली मारे गए, जिनमें कुंवर माझी और दिलीप लोहरा जैसे उग्रवादी शामिल थे।
Key Highlights
सड़क सुरक्षा: 94,823 लोगों को जागरूक किया गया, 1.5 लाख से अधिक चालकों पर कार्रवाई, जुलाई में 280 मौतें दर्ज
नक्सल अभियान: 28 नक्सली गिरफ्तार, 4 मारे गए, करोड़ों की लेवी और हथियार बरामद
साइबर अपराध: 108 मामले दर्ज, 38 अपराधी गिरफ्तार, 2.19 करोड़ रुपये फ्रीज, 32.27 लाख रुपये पीड़ितों को वापस
महिला अपराध: ITSSO में 278 कांड 60 दिनों के भीतर निपटाए गए
अन्य अपराध: ड्रग्स, डकैती, मानव तस्करी और जाली नोट गिरोहों का भंडाफोड़
साइबर अपराध के मामलों में भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की। जुलाई में कुल 108 साइबर अपराध कांड दर्ज किए गए, जिनमें 38 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 78 मोबाइल फोन, 97 सिम कार्ड, 24 एटीएम कार्ड, तीन पासबुक, छह चेकबुक और 1.82 लाख रुपये नकद बरामद हुए। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिए 2.19 करोड़ रुपये फ्रीज किए गए और 32.27 लाख रुपये पीड़ितों के खातों में वापस कराए गए। प्रतिबिम्ब ऐप का इस्तेमाल कर 4 कांडों का उद्भेदन हुआ और 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर जुलाई में कुल 7298 वारंट निष्पादित किए गए और 2333 गिरफ्तारियां हुईं। पुलिस ने 171 वाहनों को जब्त किया और 82 हथियारों के साथ 354 गोलियां भी बरामद कीं। महिला अपराधों के मामलों में तेजी दिखाई गई और आईटीएसएसओ पोर्टल पर दर्ज 278 कांडों को 60 दिनों के भीतर निपटाया गया।
पुलिस की अन्य बड़ी कार्रवाइयों में पलामू जिले से 3 क्विंटल डोडा और 33 लाख रुपये नकद की बरामदगी, बोकारो में 34 लाख की लूटकांड का उद्भेदन, चतरा में 23 किलो अफीम के साथ गिरफ्तारी, साहेबगंज से मानव तस्करी में शामिल 14 नाबालिक लड़कियों की मुक्ति और गुमला में ब्राउन शुगर के साथ अभियुक्तों की गिरफ्तारी शामिल रही। इसके अलावा लोहरदगा और रांची में मोटरसाइकिल चोरी गिरोह पकड़े गए और पाकुड़ में जाली नोट छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ।
महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में झारखंड पुलिस ने साफ किया है कि राज्य को अपराध और उग्रवाद से मुक्त बनाना उसका प्राथमिक लक्ष्य है। जुलाई 2025 में हुई कार्रवाइयाँ इस बात का सबूत हैं कि पुलिस न केवल सड़क सुरक्षा और साइबर अपराध नियंत्रण में सक्रिय है बल्कि नक्सल उन्मूलन और संगठित अपराध के खिलाफ भी लगातार अभियान चला रही है।
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