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 Jharkhand Treasury Scam: जमशेदपुर-देवघर तक पहुंची गड़बड़ी, वित्त विभाग ने जांच तेज की

 झारखंड ट्रेजरी घोटाले का दायरा बढ़ा। जमशेदपुर और देवघर ट्रेजरी में भी अधिक भुगतान की गड़बड़ी सामने आई, वित्त विभाग ने विशेष जांच के निर्देश दिए।


 Jharkhand Treasury Scam रांची: झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बोकारो, हजारीबाग, रांची और रामगढ़ के बाद अब जमशेदपुर और देवघर ट्रेजरी में भी गड़बड़ी की जानकारी मिली है। वित्त विभाग की प्रारंभिक जांच में कुबेर पोर्टल के माध्यम से अधिक भुगतान के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद दोनों जिलों में विशेष जांच के निर्देश जारी किए गए हैं।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता और सत्यापन में लापरवाही की आशंका को देखते हुए अब व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

 Jharkhand Treasury Scam: कुबेर पोर्टल जांच में खुली गड़बड़ी, कई जिलों में पहले भी मिले थे संकेत

इससे पहले बोकारो और रामगढ़ में बिल प्रोसेसिंग में देरी और भुगतान विसंगति के मामले सामने आए थे। वहीं पलामू और रांची में डाटा एंट्री तथा सत्यापन में गंभीर लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।

अब जमशेदपुर और देवघर में भी इसी तरह की गड़बड़ी की आशंका सामने आने के बाद वित्त विभाग ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। विभाग का मानना है कि यह केवल तकनीकी त्रुटि नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितता का बड़ा मामला हो सकता है।


Key Highlights:

• ट्रेजरी घोटाले की जांच अब जमशेदपुर और देवघर तक पहुंची

• कुबेर पोर्टल की प्रारंभिक जांच में अधिक भुगतान का मामला उजागर

• वित्त विभाग ने छह जिलों के कर्मियों को तत्काल हटाने का आदेश दिया

• तीन वर्षों से जमे लेखापाल, क्लर्क और कंप्यूटर ऑपरेटर होंगे स्थानांतरित

• वरीय आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में जांच समिति की पहली बैठक आज


 Jharkhand Treasury Scam: तीन साल से जमे कर्मियों को हटाने का आदेश

वित्त विभाग ने बोकारो, रांची, रामगढ़, पलामू, जमशेदपुर और देवघर ट्रेजरी में तीन वर्षों से जमे अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल हटाने का आदेश दिया है। इसमें पदाधिकारी, लेखापाल, क्लर्क से लेकर अनुबंध पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर तक शामिल हैं।

सभी संबंधित जिलों को इस संबंध में निर्देश भेज दिए गए हैं। विभाग का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थापन से पारदर्शिता प्रभावित होती है और अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है।

 Jharkhand Treasury Scam: एक ही जिले में दोबारा पोस्टिंग नहीं

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन अधिकारियों और कर्मियों ने किसी जिले में तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं, उन्हें उसी जिले या पहले कार्यरत जिले में दोबारा पदस्थापित नहीं किया जाएगा। ऐसे कर्मचारियों को नए जिलों में भेजा जाएगा, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे।

इसके साथ ही विभिन्न विभागों के डीडीओ की जवाबदेही भी तय की जा रही है। विभाग ने वित्तीय प्रबंधन में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कार्यों में अधिक पारदर्शिता लाने के निर्देश दिए हैं।

 Jharkhand Treasury Scam: आज होगी जांच समिति की पहली बैठक

ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए वरीय आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में गठित कमेटी की पहली बैठक सोमवार को आयोजित होगी। इस बैठक में जांच की रूपरेखा, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान और आगे की कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

सरकार इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर स्तर पर जवाबदेही तय करने की तैयारी में है।

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