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Tuesday, May 21, 2024

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Jharkhand Weather Update 10-05-2024: आज भी राज्य में तेज हवाओं के साथ गरजेंगे बदरा, रांची समेत 10 जिलों में गंभीर अलर्ट

रांची : Jharkhand Weather के मिजाज में 10 मई के लिए सबसे अहम Update यह है कि शुक्रवार को पूरे Jharkhand में मौसम का मिजाज पश्चिम बंगाल में पहुंचे बैसाखी के असर से बरसात सरीखा होने का अहसास दिलाने वाला ही बना रहेगा। काल बैसाखी के असर से Jharkhand के सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ आसमान में बादलों के गरजने और बिजली के कड़कने की स्थिति बनने का अनुमान व्यक्त किया है। इसके लिए पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी हुआ है। इसके चलते अधिकांश जिलों में शुक्रवार को तामपान में आंशिक उलटफेर देखने को मिल सकता है।

रांची समेत 10 जिलों तेज हवा के झोंके संग बारिश का गंभीर अलर्ट

Jharkhand Weather विभाग के रांची केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा के तटीय इलाकों से बने चक्रवाती गतिविधियों के चलते शुक्रवार 10 मई को Jharkhand में कहीं-कहीं तेज गर्जन के साथ तेज हवाएं चलेंगी। इन हवाओं की गति सतह पर 30 से 40 किमी प्रतिघंटा रहने का अनुमान है। इसी के साथ अधिकांश हिस्सों में आसमान में बादलों के गरजने के साथ बिजली के कड़कने की संभावना है। Jharkhand Weather विभाग के रांची केंद्र की जारी विशेष बुलेटिन में कहा गया है कि 10 मई को राजधानी, रामगढ़, बोकारो, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, सराइकेला-खरसावां, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में तेज हवाओं के साथ बादलों के गर्जन के साथ ही कहीं -कहीं तेज बारिश की स्थिति बनेगी। इसके लिए गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। इसी का असर धनबाद, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी कहीं-कहीं देखने को मिल सकता है।

बदले मौसमी मिजाज में बिजली आपूर्ति और ट्रैफिक के बाधित होने की आशंका

Jharkhand Weather विभाग की ओर से 10 मई शुक्रवार के लिए जारी विशेष बुलेटिन में भारी वर्षा और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना को देखते हुए जारी अलर्ट में जनसमान्य के लिए कुछ विशेष बिंदु का जिक्र किया गया है। आशंका व्यक्त की गई है कि बदले मौसमी मिजाज में जानमाल और संपत्ति के नुकसान के कुछ मामले हो सकते हैं। साथ ही बिजली आपूर्ति बाधित रह सकती है एवं परिवहन व्यवस्था भी बाधित हो सकती है। निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। कई स्थानों पर भारी वर्षा के चलते कीचड़ की स्थिति भी बनेगी। कृषि व बागवानी फसलों के साथ पौधरोपण भी ओलावृष्टि से नुकसान पहुंचने का अंदेशा व्यक्त किया गया है।

Jharkhand में 10 मई को दिन का संभावित तापमान एकनजर में

रांची में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापपमान 21 डिग्री सेल्सियस, खूंटी में अधिकतम 35 और न्यूनतम 22, गुमला में अधिकतम 36 और न्यूनतम 21, हजारीबाग में अधिकतम 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस, रामगढ़ में अधिकतम 35 और न्यूनतम 20, बोकारो में अधिकतम 35 और न्यूनतम 22, पलामू में अधिकतम 38 और न्यूनतम 24, लोहरदगा में अधिकतम 37 और न्यूनतम 21, लातेहार में अधिकतम 36 और न्यूनतम 24, गढ़वा में अधिकतम 38 और न्यूनतम 24, चतरा में अधिकतम 36 और न्यूनतम 24, कोडरमा में अधिकतम 33 और न्यूनतम 24,  देवघर में अधिकतम 33 और न्यूनतम 21, धनबाद में अधिकतम 33 और न्यूनतम 21, दुमका में अधिकतम 33 और न्यूनतम 20, गिरिडीह में अधिकतम 32 और न्यूनतम 21, गोड्डा में अधिकतम 33 और न्यूनतम 24, जामताड़ा में अधिकतम 33 और न्यूनतम 23, पाकुड़ में अधिकतम 34 और न्यूनतम 24, साहिबगंज में अधिकतम 33 और न्यूनतम 24, सिमडेगा में अधिकतम 35 और न्यूनतम 21, सराइकेला में अधिकतम 36 और न्यूनतम 23, पूर्वी सिंहभूम में अधिकतम 36 और न्यूनतम 23 एवं पश्चिमी सिंहभूम में अधिकतम 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस तापमान रहने का अनुमान है।

वज्रपात-ओलावृष्टि के दौरान बचाव के लिए जारी एडवाइजरी

Jharkhand में 10 मई को भी तेज हवाओं के साथ आसमान में बिजली कड़कने, वज्रपात और ओलावृष्टि की आशंका के मद्देनजर एडवाइजरी जारी की गई है। इसके मुताबिक, ओलावृष्टि से फसलों विशेषकर फलों और सब्जियों के तने, पत्तियों और पैदावार के प्रभावित होने की आशंका है।

एडवाइजरी में आम जनमानस को जल निकासी की व्यवस्था को सही करने को कहा गया है ताकि जलजमाव की स्थिति से बचा जा सके। साथ जल जमाव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका को टाला जा सके। तैयार फल एवं सब्जियों की तुड़ाई कर किसान उन्हें सुरक्षित स्थानों पर स्टोर कर लें।

आंधी, आसमान में गर्जन और वज्रपात के दौरान लोगों को यथासंभव घर में ही बने रहने की सलाह दी गई है। इस दौरान इलेक्ट्रानिक उपकरणों, कॉर्डेड फोन आदि के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई है क्योंकि तारों के माध्यम से बिजली यात्रा कर सकती है और चोट या क्षति का कारण बन सकती है।

तेज हवा के झोंके से पेड़ों के गिरने और बिजली के तारों के क्षति पहुंच सकती है।

आंधी के दौरान दृश्यता कम हो सकती है। आंधी के बाद गिरे पेड़ की शाखाओँ और बिजली के लाइनों से दूर रहे क्योंकि बिजली का प्रवाह उसमें लाइव हो सकता है।

ओलावृष्टि के दौरान घर के अंदर या मजबूत वाहन में आश्रय लेना महत्वपूर्ण है। घर के बाहर रहने पर ऊंची जमीन या अलग-थलग पेड़ों से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें।

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