नौकरी के नाम पर झारखंड-बिहार के युवकों को म्यांमार भेजकर साइबर ठगी कराने वाले गिरोह का आरोपी मुंबई से गिरफ्तार, CID कर रही पूछताछ।
Job Scam रांची: नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों को विदेश भेजकर शोषण करने वाले बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में मुख्य आरोपी दाऊद अहमद को मुंबई से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और लंबे समय से बेरोजगार युवकों को अपने जाल में फंसा रहा था।
सीआईडी की साइबर क्राइम टीम आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर रांची लेकर आई है, जहां उससे गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में इस अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े कई और अहम खुलासे हो सकते हैं।
Job Scam: नौकरी का लालच देकर युवकों को फंसाता था गिरोह
पुलिस के अनुसार आरोपी बेरोजगार युवकों को अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी का झांसा देता था। झारखंड और बिहार के कई युवक उसके निशाने पर रहते थे। पहले उन्हें देश के बड़े महानगरों में बुलाया जाता था, जिससे विश्वास कायम हो सके।
इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें अवैध तरीके से म्यांमार भेज दिया जाता था। वहां पहुंचने के बाद युवकों को अपने परिवार से संपर्क करने की भी सीमित अनुमति दी जाती थी।
Key Highlights:
नौकरी के नाम पर युवकों को म्यांमार भेजने वाला आरोपी गिरफ्तार
मुंबई से गिरफ्तारी के बाद CID ने रांची लाकर शुरू की पूछताछ
झारखंड और बिहार के युवकों को बनाता था निशाना
म्यांमार में जबरन साइबर ठगी कराई जाती थी
विरोध करने पर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना
Job Scam: म्यांमार में कराया जाता था साइबर अपराध
जांच में सामने आया है कि म्यांमार पहुंचने के बाद युवकों से जबरन ऑनलाइन फ्रॉड और साइबर ठगी कराई जाती थी। उन्हें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को ठगने के लिए मजबूर किया जाता था।
अगर कोई युवक इसका विरोध करता था, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। कई मामलों में उन्हें बंधक बनाकर रखा जाता था, जिससे वे भाग नहीं सकें।
Job Scam: CID की पूछताछ में हो सकते हैं बड़े खुलासे
सीआईडी अधिकारियों का मानना है कि आरोपी के नेटवर्क में कई और लोग शामिल हो सकते हैं, जो अलग-अलग राज्यों में सक्रिय हैं। ट्रांजिट रिमांड पर लाकर उससे पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे गिरोह का खुलासा किया जा सके।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अब तक कितने युवकों को इस गिरोह के जरिए म्यांमार भेजा गया और कितने लोग अभी भी वहां फंसे हुए हैं।
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