Khunti: झारखंड में पुलिस और सुरक्षाबलों को लगातार नक्लसियों के ऊपर शिकंजा कसने में अपार सफलता मिल रही है। मुठभेड़ से लेकर आत्मसमर्पन तक नक्सली लगातर झारखंड पुलिस के आगे घुटने टेक रहे हैं। बता दें एक बार फिर खूंटी पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है।
नक्सल उन्मूलन नीति के तहत किया सरेंडर
झारखंड सरकार की नक्सल उन्मूलन नीति के तहत चलाए जा रहे अभियान में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडू ने बुधवार को खूंटी की उपायुक्त आर रॉनिटा और पुलिस अधीक्षक मनीष टोप्पो के सामने सरेंडर कर दिया है।
पत्नी और बच्चे भी रहे मौजूद
प्रफुल्ल मुंडू के सरेंडर के दौरान एसपी कार्यालय में उसके साथ उसकी पत्नी और 5 महीने का बच्चा भी साथ मौजूद था। बता दें उपायुक्त ने पुष्पगुच्छ देकर उसे सम्मानित किया और एक लाख रुपए का प्रतीकात्मक चेक भेंट किया। आत्मसमर्पण के दौरान उसने एक 9 एमएम पिस्टल, एक 7.65 एमएम पिस्टल, एक देशी कट्टा, 13 कारतूस और दो वॉकी-टॉकी पुलिस को सौंपे। उन्होंने कहा कि झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ, झारखंड जगुआर और अन्य केंद्रीय अर्धसैनिक बलों द्वारा चलाए जा रहे संयुक्त अभियान से उग्रवादी संगठनों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
समाज की मुख्यधारा से जुडेंगे प्रफुल्ल
मौके पर जिले के पुलिस कप्तान मनीष टोप्पो ने कहा कि झारखंड सरकार के नक्सल मुक्त राज्य के संकल्प के तहत चलाए जा रहे अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन PLFI के एरिया कमांडर हाबिल मुंडू उर्फ प्रफुल्ल मुंडा ने सरकारी आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने का निर्णय लिया।


