नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव का
सोमवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया.
तबीयत बिगड़ने पर उन्हें एक अक्टूबर को आईसीयू में भर्ती कराया गया था.
तब सपा संरक्षक का ऑक्सीजन लेवर नीचे आने लगा था.
इसके अलावा उन्हें यूरिन संक्रमण, चेस्ट इंफेक्शन और सांस लेने में भी दिक्कत थी.
मुलायम सिंह यादव ने मेदांता अस्पताल में सोमवार सुबह 8.16 बजे आखिरी सांस ली.
उनके निधन की पुष्टि समाजवादी पार्टी ने ट्वीट कर की. सपा ने ट्वीट कर लिखा,
मेरे आदरणीय पिता जी और सबके नेता जी नहीं रहे – श्री अखिलेश यादव.
मुलायम सिंह यादव: लोहिया के विचारों से हुए थे प्रभावित
मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को यूपी के इटावा जिले में हुआ था.
वो राममनोहर लोहिया के विचारों से काफी प्रभावित थे.
1950 के दशक में उन्होंने किसानों के लिए लड़ाई लड़ी.
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह उन्हें ‘लिटिल नेपोलियन’ कहकर बुलाते थे.
काशी से विशेष लगाव
वाराणसी से जुड़ी मुलायम सिंह यादव की कई यादें हैं. उनका काशी और यहां के लोगों से विशेष लगाव था.
उन्होंने यहां असंख्य राजनीतिक रैलियां और सभाएं की. धर्म-कर्म के काम से भी वह काशी आते रहते थे. 6 दिन उन्होंने बनारस जेल में भी गुजारे. कई परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी उन्होंने किया. वाराणसी और मिर्जापुर जिले के हिस्से को अलग कर भदोही जिला बनाया.
मुलायम सिंह यादव: जनता दल से अलग होकर बनाई समाजवादी पार्टी
1967 में वो पहली बार विधायक बने. 1975 में इमरजेंसी के दौर में वो जेल भी गए. अक्टूबर 1992 में उन्होंने जनता दल से अलग होकर समाजवादी पार्टी बनाई. मुलायम सिंह यादव का ये बड़ा कदम था, जो उनके राजनीतिक जीवन के लिए मददगार साबित हुआ. मुलायम सिंह यादव 1989 से 1991, 1993 से 1995 और 2003 से 2007 तक तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. 1996 से 1998 के बीच देश के रक्षा मंत्री रहे.
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