झारखंड शराब घोटाला मामले में ACB ने अधिकारी अमीत कुमार को पेश होने का नोटिस दिया। निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई संभव।
Liquor Scam Update रांची. झारखंड में चर्चित शराब घोटाले की जांच अब एक और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने झारखंड सरकार के वाणिज्य कर आयुक्त सह वित्त विभाग के विशेष सचिव अमीत कुमार को नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार उन्हें 5 दिसंबर को सुबह 11 बजे ACB कार्यालय में उपस्थित होना होगा।
यह नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत जारी किया गया है। इसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि वे बिना उचित कारण के उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा सकती है।
Key Highlights
वाणिज्य कर आयुक्त अमीत कुमार को ACB का नोटिस जारी
5 दिसंबर सुबह 11 बजे हाजिर नहीं होने पर गिरफ्तारी की चेतावनी
नोटिस भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता धारा 35(3) के तहत
अधिकारी ने विभाग को पत्र लिखकर उपस्थित होने की अनुमति मांगी
मामला उनके पूर्व पदस्थापन अवधि से एक वर्ष बाद का बताया
Liquor Scam Update: अधिकारी ने विभाग को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट की
नोटिस मिलने के बाद अमीत कुमार ने वाणिज्य कर विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि:
यह मामला उत्पाद और मद्य निषेध विभाग से संबंधित है।
वे 4 अगस्त 2021 से 10 जुलाई 2022 तक इस विभाग में आयुक्त पद पर तैनात थे।
एसीबी द्वारा जांच किए जा रहे मामले की समयावधि उनके कार्यकाल समाप्त होने के एक वर्ष बाद की है।
उन्होंने बताया कि 7 अगस्त 2025 को भी जांच अधिकारी द्वारा फोन पर उनसे पूछताछ की गई थी, जिसमें उन्होंने आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया था।
Liquor Scam Update: समयाभाव का हवाला, अनुमति मांगी
अधिकारी ने यह भी कहा कि उन्हें नोटिस 4 दिसंबर को अपराह्न में प्राप्त हुआ, जबकि पेश होने की तारीख अगले दिन सुबह 11 बजे निर्धारित है, जिससे उन्हें आवश्यक कानूनी तैयारी करने का समय नहीं मिल पाया है।
इसलिए उन्होंने सचिव से अनुरोध किया है कि:उन्हें निर्धारित समय और स्थान पर उपस्थित होने की औपचारिक अनुमति प्रदान की जाए।
Liquor Scam Update: जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
ACB द्वारा लगातार जारी नोटिस और पूछताछ से संकेत मिल रहे हैं कि शराब घोटाले की जांच में तेजी आ चुकी है। अब आगे यह देखना होगा कि अधिकारी 5 दिसंबर को पेश होते हैं या इसके लिए नई तारीख की मांग करते हैं।
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