रिपोर्टः शशांक शेखर/ न्यूज 22स्कोप
हजारीबाग: जिले में जैसे-जैसे शहरीकरण हो रहा है. वैसे वैसे पेड़ काटे जा रहे हैं और घर, बिल्डिंग मार्केट कंपलेक्स और विभिन्न तरह के अपार्टमेंट बनते जा रहे हैं. जिस कारण इसका असर अब लोगों को सीधा देखने को मिलने लगा है. पिछले दिनों हजारीबाग के शहरी क्षेत्र में एक हाथी घुस आया था. जिसने काफी उत्पात मचाया था और 2 लोगों की जान भी ले ली थी. वैसा ही फिर एक मामला हजारीबाग झील में देखने को मिला है. जहां एक जंगली सियार ने 7 से 8 लोगों को काट कर घायल कर दिया. सभी घायलों को स्थानीय लोगों के द्वारा सदर अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया है.
मॉर्निंग वॉक के दौरान किया हमला
जानकारी के अनुसार झील पर सुबह लोग मॉर्निंग वॉक करने आते हैं. इसी दौरान एक जंगली सियार वाॅक रहे लोगों को काटने लगता है. झील में अफरा-तफरी का माहौल हो जाता है. तब तक 7 से 8 लोग घायल हो चुके थे. इस पूरे मामले पर पर्यावरण विद मुरारी सिंह ने बताया कि शहरीकरण के कारण इस तरह की घटनाएं हजारीबाग में अब देखने को मिलने लगी है. उन्होंने यह भी बताया कि सियार अमूमन लोगों के बीच में ही रहता है रात में वह निकलता है उसका ठिकाना झाड़ियों में और छोटे-मोटे जंगलों में होता है. लेकिन शहरीकरण के कारण सभी तरह की झाइयां काट दी जा रही हैं और जंगल कट रहे हैं जिस कारण उन्हें रिहायशी इलाकों में आना पड़ रहा है.
वन विभाग को जल्द कार्रवाई करने की है जरूरत
मुरारी सिंह ने बताया कि इसका मुख्य कारण है वह अपने खाने की तलाश में भी निकलते हैं उन्होंने यह भी बताया कि अमूमन सियार आदमियों को हानि नहीं पहुंचाता है. अगर वह पागल हो गया हो तो हानि पहुंचा सकता है. इसको वन विभाग को ध्यान देना चाहिए ताकि वह जल्द से जल्द पकड़ में आ जाए. नहीं तो वह और लोगों को भी घायल कर सकता है.
Highlights









