पटना : सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संवाद कक्ष में अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग का कुल बजट 2752.49 करोड़ रुपया है इसमें राज्य स्कीम के तहत कुल 2227.47 करोड़ की राशि का प्रावधान किया गया है। पुंजीगत व्यय आधारभूत संरचना, विद्यालय एवं छात्रावास और भवनों के लिए मांग संख्या-3 के तहत 564.44 करोड़ रुपया का महत्वपूर्ण आवंटन किया गया। इस अवसर पर विभाग के सचिव संदीप कुमार आर पुडकलकट्टी समेत अन्य वरीय अधिकारीगण मौजूद रहे।
सरकार ने शिक्षा, आवास, छात्रवृति और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई एतिहासिक पहल की है – मंत्री लखेंद्र पासवान
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि सरकार ने शिक्षा, आवास, छात्रवृति और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में कई एतिहासिक पहल की है। राज्य में एससी और एसटी समुदाय के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है और इस पर लगातार काम किए जा रहे हैं।

पिछले वर्ष की तुलना में हमारे विभाग का बजट भी बढ़ा है और लोगों का तेजी से विकास भी हो रहा है – सचिव डॉ. संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी
वहीं विभाग के सचिव डॉ. संदीप कुमार आर पुडुकलकट्टी ने बताया कि 2011 के जनगणना के अनुसार राज्य में अनुसूचित जाति की आबादी करीब 15.91 प्रतिशत और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.28 प्रतिशत थी जबकि 2022 के जातीय गणना के अनुसार अब आबादी बढ़ कर अनुसूचित जाति की आबादी 21.33 और अनुसूचित जनजाति की आबादी 1.68 प्रतिशत हो गया है। पिछले वर्ष की तुलना में हमारे विभाग का बजट भी बढ़ा है और लोगों का तेजी से विकास भी हो रहा है।

मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा- SC एवं ST के वैसे छात्र जो छात्रावास में रहते हैं उनकी छात्रवृति दुगुनी करने की सारी तैयारी कर ली गई है
प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए विभाग के मंत्री लखेंद्र पासवान ने बताया कि विभाग ने अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के वैसे छात्र जो छात्रावास में रहते हैं उनकी छात्रवृति दुगुनी करने की सारी तैयारी कर ली गई है और बहुत ही जल्द उसे लागू कर दिया जायेगा। हमने विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद से ही प्रमंडल स्तरीय समीक्षा कर रहे हैं। हर जगह हम घूम कर योजनाओं की समीक्षा भी कर रहे हैं। हमारा विभाग सिर्फ भवन नहीं बनाता है बल्कि बच्चों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से मजबूत कर रहा है। हमारा विभाग न तो बीमार है और न ही बीमार रहने वाले कर्मियों को झेल रहा है।

विभाग के तहत चलने वाली योजनाओं में हम कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे – लखेंद्र पासवान
मंत्री ने बताया कि बीते दिनों हमने सहरसा और पूर्णिया में औचक निरीक्षण किया और वहां कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित जिम्मेवार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की और उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। विभाग के तहत चलने वाली योजनाओं में हम कोई कोताही बर्दाश्त नहीं करेंगे और हर योजना को सुचारू ढंग से चला रहे हैं। राज्य में इस वक्त 91 आवासीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं जिसमें हजारों छात्र-छात्राएं अध्ययन कर रहे हैं। कई विद्यालयों को 10+2 स्तर पर अपग्रेड कर दिया गया है और हमारा संकल्प है कि अंतिम पंक्ति में बैठे लोगों को हम मुख्यधारा से जोड़ेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी विभाग कई योजनाएं चला रही है और सिविल सेवा में सफल छात्रों को भी सरकार प्रोत्साहित कर रही है।

प्रमुख निर्णय निम्नवत हैं
1. प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति दरें दोगुनी (प्रभावी तिथि – 01.04.2025)
मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना’ की दरों में भारी वृद्धि की गई है। अब छात्रों को पहले से दोगुनी राशि मिलेगी। इस योजना पर राज्य सरकार अब लगभग 1751 करोड़ का वार्षिक व्यय करेगी।
• कक्षा-1 से 4 – अब 1200/- वार्षिक (संशोधित)।
• कक्षा-5 से 6 – अब 2400/- वार्षिक (संशोधित)।
• कक्षा-7 से 10 – अब 3600/- वार्षिक (संशोधित)।
• छात्रावासी (Hostellers) कक्षा-1 से 10 – अब 6000/- वार्षिक (संशोधित)।
2. छात्रावास अनुदान राशि में 100 फीसदी की वृद्धि (प्रभावी तिथि – 01.01.2026)
मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच के अनुरूप, जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास एवं अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र/छात्राओं को संबल देने के लिए ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास अनुदान योजना’ की राशि एक हजार से बढ़ाकर दो हजार प्रतिमाह कर दी गई है। यह वृद्धि एक जनवरी 2026 से प्रभावी होगी और इससे लगभग 8,150 छात्र/छात्राएं सीधे लाभान्वित होंगे।

3. मेधावृत्ति के लिए आय सीमा में बढ़ोतरी
ताकि कोई भी मेधावी छात्र लाभ से वंचित न रहे, मुख्यमंत्री के निर्देश पर ‘मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना’ की पात्रता शर्तों को उदार बनाया गया है। अब अभिभावकों की वार्षिक पारिवारिक आय सीमा को 1.50 लाख से बढ़ाकर तीन लाख रुपए कर दिया गया है।
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