Modernization: पटना के मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण के आधुनिकीकरण पर 68.41 करोड़ खर्च होंगे। बाजार को e-NAM से जोड़कर किसानों को बेहतर कीमत दिलाने की तैयारी।
Modernization पटना: बिहार सरकार पटना के मुसल्लहपुर कृषि उत्पादन बाजार प्रांगण को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शुक्रवार को बाजार प्रांगण का निरीक्षण करते हुए कहा कि 68.41 करोड़ रुपये की लागत से इसका आधुनिकीकरण और जीर्णोद्धार किया जा रहा है। कार्य पूरा होने के बाद किसानों और व्यापारियों को बेहतर और सुव्यवस्थित बाजार सुविधा उपलब्ध होगी।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक और पारदर्शी बाजार व्यवस्था उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
Key Highlights
मुसल्लहपुर कृषि बाजार के आधुनिकीकरण पर 68.41 करोड़ रुपये स्वीकृत
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने बाजार प्रांगण का निरीक्षण किया
बाजार को e-NAM प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना
किसानों के लिए पेयजल, गोदाम, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाएं विकसित होंगी
परियोजना को वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य
Modernization : ई-नाम प्लेटफॉर्म से जुड़ेगा बाजार
कृषि मंत्री ने बताया कि मुसल्लहपुर बाजार प्रांगण को ई-नाम प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे यह बाजार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंडियों से जुड़ सकेगा। इस व्यवस्था से किसानों को अपने उत्पादों के लिए व्यापक बाजार उपलब्ध होगा और उन्हें बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में एपीएमसी एक्ट के निरसन के बाद राज्य सरकार द्वारा तैयार कृषि रोडमैप के तहत सभी बाजार प्रांगणों को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था तैयार करना है।
Modernization : किसानों और व्यापारियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
मुसल्लहपुर बाजार परिसर में पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और गोदाम जैसी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इससे किसानों और व्यापारियों को एक व्यवस्थित और आधुनिक बाजार वातावरण मिलेगा।
निरीक्षण के दौरान पटना फल सब्जी विक्रेता संघ के अध्यक्ष शशिकांत प्रसाद ने कृषि मंत्री से मुलाकात कर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने बाजार परिसर में कोल्ड स्टोरेज के निर्माण, संतरा भंडारण के लिए दो विशेष चैंबर और एक प्रदर्शनी हॉल बनाने की मांग रखी।
Modernization : किसानों की सुविधा के लिए मांगे गईं नई व्यवस्थाएं
संघ की ओर से यह भी अनुरोध किया गया कि गेट नंबर दो से आने वाले किसानों के वाहनों को नो एंट्री से छूट दी जाए, ताकि किसानों को बाजार तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कृषि मंत्री ने इन मांगों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाजार प्रांगण को किसान हितैषी और आधुनिक बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे। निर्माण एजेंसी के अनुसार इस परियोजना का कार्य वर्ष 2026 के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि जब बाजार व्यवस्था मजबूत होगी तो किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिलेगा और इससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
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