दिल्ली. यूपीए सरकार के दौरान आर्थिक प्रबंधन पर चर्चा करने के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने श्वेत पत्र लिया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में इस श्वेत पत्र को पेश किया है। इस पर कल चर्चा होगी। बताया जा रहा है कि इस श्वेत पत्र में यूपीए के शासन काल में हुए 15 घोटालों का जिक्र किया गया है। इसमें टू जी स्कैम, कोयला घोटाला, कॉमनवेल्थ गेम्स घोटाला आदि शामिल हैं।
संसद में बजट पेश करते हुए सीतारमण ने बताया था कि एफडीआई यानी फर्स्ट डेवलप इंडिया। 2014-23 के दौरान 596 अरब डॉलर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आया। यह 2005-2014 के दौरान आए एफडीआई से दोगुना था। हम विदेशी पार्टनर्स से बाइलैट्रल इनवेस्टमेंट ट्रीटी कर रहे हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण के दौरान भी श्वेत पत्र के संबंध में घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार एक श्वेत पत्र पेश करेगी, जो यूपीए दशक और एनडीए दशक को कवर करेगा। इसमें यूपीए शासन के वित्तीय कुप्रबंधन और एनडीए शासन की वित्तीय समझदारी को दिखाने के लिए एक तुलनात्मक विश्लेषण होगा। वहीं श्वेत पत्र के खिलाफ कांग्रेस ने ब्लैक पेपर लाने की बात कही है।


