Gaya- आपने टीवी या सोशल मीडिया कई एक्सपर्ट तीरंदाज देखे होंगे, जो अपने हुनर से सभी को चौंकाते हुए देखा होगा. कई अंतरराष्ट्रीय खेलों में भी आपको ऐसे तीरंदाज नजर आयें होंगे. लेकिन महज नौ वर्ष में अपनी तीरदांजी से जहानाबाद के रुद्र ने सभी को चौंका दिया है. उसकी प्रतिभा अचंभित करने वाली है. वह सामान्य और तीरंदाजी तो करता ही है, अचंभित करने वाली बात यह है कि हाथ के बल उल्टा होकर, आंखें बंद कर पैर के अंगूठे से तीर चलाता है और सिर्फ तीर ही नहीं चलाता सटीक निशाना भी साध लेता है.

रुद्र हाथ के बल उल्टा खड़ा होकर उसी पोजीशन में पैर के अंगूठे से आंख बंद कर भी तीर चला लेता है. तीर धनुष का उसका निशाना देखते ही बनता है. वह 5 से 20 फीट की दूरी तक सीधा निशाना साध सकता है. आई लेवल और फूट लेवल डिफरेंस है, फिर भी सटीक निशाना लगा कर वह हैरत में डाल देता है.
विदेशी वीडियो से मिली प्रेरणा

रूद्र बताता है कि एक विदेशी छोटी सी लड़की का वीडियो देखने के बाद उसे आर्चरी की प्रेरणा मिली. उस वीडियो को देखने के बाद उसने इसकी प्रैक्टिस शुरू की. इसके बाद उसने तीरंदाजी के लिए योगा को आधार बनाया और महज एक महीने में ही तीरंदाजी को कमांड करने लगा. इस क्रम में 20 फीट तक का निशाना साधता है.
रुद्र के पिता राकेश कुमार सिंह जहानाबाद के खरका गांव के रहने वाले हैं. बोधगया के राजापुर में रहकर वह बच्चों को पढ़ाते हैं. राकेश कुमार सिंह बतलाते हैं कि रुद्र ने योग की शुरुआत उनकी ही देख रेख में की. और रुद्र को करीबन डेढ़ सौ से अधिक योगासनों में महारत है. इसके अलावा स्केटिंग में भी वह माहिर है और अब आर्चरी में भी अपनी प्रतिभा दिखा रहा है. वह बताते हैं कि फिलहाल में टॉय आर्चरी से ही उसकी प्रैक्टिस चल रही है. कंपाउंड आर्चरी खरीदने के लिए पैसे नहीं है. इसमें करीब ढाई लाख रुपए खर्च होते हैं. सरकार मदद कराए तो निश्चित तौर पर देश के लिए रुद्र ओलंपिक में गोल्ड मेडल तीरंदाजी में ला सकता है.
स्टेट- नेशनल लेबल पर 20 से अधिक सर्टिफिकेट और मेडल जीत चुका है रुद्र
दावा किया जा रहा है कि रुद्र भारत का पहला बच्चा है, जो 9 साल की उम्र में 5 से 20 फीट का टारगेट साध सकता है. अभी वह चौथी कक्षा का छात्र है. अब उसने स्टेट- नेशनल लेबल पर 20 से अधिक सर्टिफिकेट और मेडल जीत चुका है. 9 साल का नन्हा बालक रूद्र ने योग और स्केटिंग में अपनी प्रतिभा पहले ही बिखेरी है. उसने इस क्षेत्र में कई स्टेट और नेशनल लेवल के मेडल हासिल कर लिए हैं. अब वह काफी हैरतअंगेज करने वाला कारनामा कर रहा है.
रिपोर्ट- राम मूर्ति पाठक
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