रांची में सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ऑन द स्पॉट जुर्माना लगेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारी में निगम सख्त, स्कूलों को सौंपी गई अहम जिम्मेदारी।
On the Spot Fine रांची: स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में रांची को देश की शीर्ष स्वच्छ शहरों की सूची में शामिल कराने के लिए रांची नगर निगम ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सार्वजनिक स्थलों पर पान गुटखा थूकने, खुले में पेशाब और शौच करने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला जाएगा। मंगलवार को निगम की इंफोर्समेंट शाखा के साथ बैठक में अपर प्रशासक संजय कुमार ने यह स्पष्ट निर्देश दिए।
On the Spot Fine: सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई
अपर प्रशासक ने कहा कि शहर की सड़कों, दीवारों, चौक चौराहों और अन्य सार्वजनिक स्थलों को गंदा करने वालों के खिलाफ अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। पान गुटखा थूकने, खुले में कचरा फेंकने और पेशाब करने वालों से ऑन द स्पॉट जुर्माना वसूला जाएगा। इसके साथ ही भवनों, दुकानों और प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन नहीं रखने वाले संचालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। निगम का लक्ष्य रांची को पूरी तरह गार्बेज फ्री बनाना है।
Key Highlights
सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर ऑन द स्पॉट जुर्माना
खुले में पेशाब और कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई
स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर निगम का सख्त रुख
नगर निकाय चुनाव के दौरान आचार संहिता उल्लंघन पर कार्रवाई
स्कूलों को स्वच्छता अभियान की अहम जिम्मेदारी
On the Spot Fine: आचार संहिता उल्लंघन पर भी होगी कड़ी कार्रवाई
स्वच्छ सर्वेक्षण के साथ झारखंड नगर निकाय चुनाव 2026 की तैयारी भी निगम के सामने चुनौती है। अपर प्रशासक ने आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर सख्ती के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकारी भवनों, दीवारों, बिजली पोल, पुलिया और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर लगे पोस्टर, बैनर, झंडे और दीवार लेखन को तत्काल हटाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
On the Spot Fine: स्कूलों को सौंपी गई स्वच्छता अभियान की जिम्मेदारी
रांची नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में बेहतर रैंकिंग के लिए स्कूलों को अहम भागीदार बनाया है। अपर प्रशासक संजय कुमार की अध्यक्षता में सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। उन्होंने कहा कि बच्चों की भागीदारी से स्वच्छता को जन आंदोलन बनाया जा सकता है। सभी स्कूलों में हरा और नीला डस्टबिन लगाने, कक्षाओं में लिटर बिन रखने, नियमित कीटनाशक छिड़काव, इको क्लब गठन और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
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