Parliament Winter Session 2025: संसद शीतकालीन सत्र के शुरू होने से पहले सरकार ने 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है. बैठक में विधायी एजेंडा साझा किया जाएगा और सरकार विपक्ष ने सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने में सहयोग की अपील करेगी. वहीं सूत्रों की माने तो होने वाले इस शीतकालीन सत्र 2025 में 10 नए विधेयक पेश हो सकते हैं.
Parliament Winter Session 2025: हाईवे संशोधन बिल से भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया सरल होगी
सूत्रों का कहना है कि इस सत्र में 10 नए विधेयक पेश हो सकते हैं. इस सत्र में नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल भी शामिल है, जिसका उद्देश्य भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान और तेज करना है, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में हो रही देरी को रोका जा सके.
Parliament Winter Session 2025: कॉरपोरेट कानून और सिक्योरिटीज मार्केट में बड़े सुधार
साथ ही कॉरपोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 के जरिए कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में संशोधन कर ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने की तैयारी है. इसके अलावा सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल SEBI ऐक्ट, डिपॉजिटरी एक्ट और सिक्योरिटी कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को एकीकृत रूप में पेश करेगा.
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Parliament Winter Session 2025: 131वां संविधान संशोधन बना विवाद का विषय
सरकार 131वां संविधान संशोधन भी लाने जा रही है, जिसके तहत चंडीगढ़ को अनुच्छेद 240 के दायरे में शामिल किया जाएगा. यह प्रावधान पहले से ही राजनीतिक विवाद का मुद्दा बना हुआ है. इसके अलावा, कंपनियों और व्यक्तियों के बीच विवादों के तेज निपटारे के लिए मध्यस्थता कानून में संशोधन का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है.
Parliament Winter Session 2025: उच्च शिक्षा के ढांचे में बड़ा बदलाव
UGC–AICTE–NCTE खत्म कर बनाया जाएगा. एकल नियामक, सरकार हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल भी पेश करेगी. यह बिल UGC, AICTE और NCTE जैसी संस्थाओं को समाप्त कर एक केंद्रीकृत नियामक संस्था के गठन का मार्ग बनाएगा. सरकार का दावा है कि इससे विश्वविद्यालयों को अधिक स्वायत्तता मिलेगी और उच्च शिक्षा व्यवस्था और पारदर्शी बनेगी. इंफ्रास्ट्रक्चर और कॉरपोरेट सुधारों के लिए भी विधेयक लाया जा सकता है.
Parliament Winter Session 2025: निजी क्षेत्र को मिलेगा न्यूक्लियर प्लांट लगाने का मौका
अब तक परमाणु संयंत्रों का निर्माण और संचालन पूरी तरह सरकारी कंपनियों के हाथ में था, लेकिन नए प्रावधान निजी-भारतीय और विदेशी कंपनियों को भी न्यूक्लियर पावर प्लांट स्थापित करने की अनुमति देंगे. इससे निवेश और प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है.
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