Bihar Sports Injury Center, पटना: बिहार के खिलाड़ियों के लिए खेल के दौरान होने वाली गंभीर चोटों के इलाज को लेकर नई सुविधा शुरू होने जा रही है। पटना स्थित एलएनजेपी हड्डी अस्पताल में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इस सेंटर के अक्टूबर महीने से पूरी तरह संचालित होने की योजना है। अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी के अनुसार, अस्पताल के नए भवन में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक तकनीक से लैस इंजरी सेंटर तैयार किया गया है। यहां खेल के दौरान चोटिल होने वाले खिलाड़ियों को इलाज के साथ कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। इस सुविधा के शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को गंभीर चोटों के इलाज के लिए दूसरे शहरों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। सेंटर में खेल से जुड़ी चोटों के उपचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इलाज के साथ फिजियोथेरेपी और मनोवैज्ञानिक सहायता
LNJP के स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में केवल चोट का इलाज ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की रिकवरी से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। निदेशक डॉ. राकेश चौधरी ने बताया कि खिलाड़ियों को स्पेशल फिजियोथेरेपी के साथ साइकोलॉजिस्ट, ट्रेनर और डाइटीशियन की सुविधा भी मिलेगी। खेल के दौरान शरीर के अलग-अलग हिस्सों में चोट लगने की स्थिति में उपचार के साथ रिकवरी और फिटनेस पर भी ध्यान दिया जाएगा। खिलाड़ियों को उनकी जरूरत के अनुसार डाइट और ट्रेनिंग से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।

एंकल, कंधे और घुटने की चोट का होगा विशेष इलाज
स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर में खिलाड़ियों की आम और गंभीर चोटों के उपचार के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निदेशक के मुताबिक, खेल के दौरान एंकल में चोट लगने पर दूरबीन तकनीक से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा कंधे और घुटने की चोट के इलाज के लिए हाईटेक ऑर्थ्रोस्कोपिक सर्जरी की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए नई मशीनों और अन्य जरूरी संसाधनों को उपलब्ध कराने की तैयारी है। इस सुविधा का उद्देश्य खिलाड़ियों को उनकी चोट के अनुसार इलाज और रिकवरी की बेहतर व्यवस्था एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है।

खिलाड़ियों को अपने शहर में इलाज मिलने की उम्मीद
खिलाड़ी मनोज कुमार ने बताया कि मैच और अभ्यास के दौरान खिलाड़ियों को अक्सर चोट लगती है। कई बार कंधे, घुटने और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आने पर इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। उनके अनुसार, LNJP में स्पोर्ट्स इंजरी सेंटर शुरू होने से खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं कबड्डी खिलाड़ी आदित्य राज ने अपने बाएं घुटने में लगी चोट का जिक्र करते हुए कहा कि सेंटर शुरू होने से खिलाड़ियों को अपने शहर में ही इलाज कराने का अवसर मिलेगा। उन्होंने इसे किफायती इलाज की दिशा में उपयोगी सुविधा बताया। अक्टूबर से सेंटर के पूरी तरह संचालित होने की योजना के साथ खिलाड़ियों को उम्मीद है कि खेल के दौरान होने वाली चोटों के इलाज और रिकवरी के लिए उन्हें स्थानीय स्तर पर ही विशेषज्ञ सुविधाएं मिल सकेंगी।
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