पूर्णिया : पूर्णिया में आज नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी से लोगों का विश्वास उठ गया है। लोकसभा में सदन के उपनेता राहुल गांधी पर सांसद को धक्का देने के आरोप मामले में एफआईआर के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि यह बेकार का एफआईआर है। सब लोग जानते हैं कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने जो बयान दिया है उसे ध्यान भटकाने का यह बीजेपी का षड्यंत्र है। जनता सब समझती है।
वहीं राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव द्वारा ममता बनर्जी को इंडिया गठबंधन का संयोजक बनाने के बाबत तेजस्वी ने कहा कि जब सब लोग एक साथ बैठेंगे तब सर्वसम्मति से विचार कर किसी को कोई पद दिया जाएगा। यह लालू या तेजस्वी तय नहीं कर सकते हैं, हमलोग तो पात्र हैं। आगे उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अधिकारी मुख्यमंत्री की बात नहीं सुनते हैं। बड़े से बड़ा मुद्दा पर मुख्यमंत्री चुप्पी साध लेते हैं। सत्र में एक बार भी मुख्यमंत्री उठकर कोई जवाब नहीं दिए। बिहार के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री दोनों सदनों की बैठक में एक बार भी नहीं बोले हैं। या तो वह मौन रहते हैं या उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उनकी उम्र काफी हो गई है। वह जनता से संवाद करने के लिए 225 करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं। 20 सालों तक आपने जो यात्राएं की है उसे कौन सा जनता का समाधान हुआ है।
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उन्होंने कहा कि भाजपा के भी दो-दो उपमुख्यमंत्री है वह क्या सिर्फ बंगला और सिक्योरिटी लेने के लिए हैं। यह यात्रा अधिकारियों को लूट की छूट देने की यात्रा है। जनता का इससे कुछ भला नहीं होने वाला है। वहीं बीपीएससी की परीक्षा कैंसिल होने के बाबत तेजस्वी ने कहा कि सिर्फ एक ही सेंटर का परीक्षा क्यों कैंसिल हुआ। छात्रों की मांग जायज है कि सभी केंद्रों पर परीक्षा कैंसिल हो और फिर से परीक्षा हो। उन्होंने कहा कि यह नॉर्मलाइजेशन नहीं तो और क्या है। जब छात्र आवाज उठाते हैं तो डीएम थप्पड़ मारते हैं, पुलिस लाठी मारती है। जनता की आवाज को दबाने का काम करती है। सरकार छात्रों के भविष्य को बर्बाद कर रही है।
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श्याम मोहन की रिपोर्ट


















