नालंदा : पावापुरी मेडिकल कॉलेज में आज यानी सोमवार को तीसरे दिन डॉक्टरों की पिटाई के विरोध में इमरजेंसी और ओपीडी सेवा ठप किए जाने से परेशान ग्रामीणों ने परिसर में जमकर पथराव किया। मेन गेट का ताला तोड़कर जबरन परिसर में दाखिल हुए। लगातार चार दिनों से इलाज नहीं होने से परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। वहीं डॉक्टरों की मांग है की पिटाई करने वाले आरोपियों को पुलिस जल्द से जल्द गिरफ्तार करे इसी मांग को लेकर वे लोग सेवा को ठप किए हुए हैं। पथराव में मेडिकल कॉलेज के दो कर्मी जख्मी हो गए।
पथराव और हंगामा की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस
आपको बता दें कि पथराव और हंगामा की सूचना मिलने पर पावापुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर मुख्य द्वार पर इलाज के इंतजार में खड़े मरीज के जबरन डंडे से खदेड़ दिया। हद तो तब हो गई जब अंदर भर्ती मरीज से उनके परिजनों को मिलने नहीं दिया गया बड़े गेट के अलावा छोटे गेट पर भी ताला लगा दिया गया। जिसके कारण खाना लेकर एवं अपने मरीज को देखने आए परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कुछ परिजन तो गेट फांद कर अंदर जाने के जद्दोजहद करते देखे गए। अंत में मरीज के परिजनों की भीड़ ने ताला तोड़ जबरन कॉलेज परिसर में दाखिल हो अपने मरीजों का हालचाल जाना।
नाराज डॉक्टर के साथ डीएम शशांक शुभंकर करेंगे बैठक
फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नालंदा के डीएम शशांक शुभंकर ने मामले की गंभीरता को लेकर नाराज डॉक्टर के साथ दोपहर बाद बैठक करने वाले हैं। कॉलेज के सुपरिंटेंडेंट अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि डॉक्टर एवं कर्मियों से बातचीत का दौर चल रहा है। शनिवार को पुरी गांव निवासी स्वर्गीय कमला सिंह के 55 वर्षीय पुत्र सुनील सिंह की तबीयत बिगड़ गई थी। परिजन के द्वारा विम्स में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टर ने मरीज को मृत्यु घोषित कर दिया था। जिससे परिजन आक्रोशित हो हंगामा करने लगे थे। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ मारपीट की गई थी।
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राजा कुमार की रिपोर्ट
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