पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार

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पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने 9 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
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नवादा : नवादा में साइबर अपराधी प्रतिदिन नए-नए तरकीब निकालकर लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। कभी ब्रांडेड कंपनी, गैस एजेंसी, पेट्रोल पंप का एजेंसी दिलाने, सस्ते दर पर ऋण दिलाने तो कभी एसएमएस के माध्यम से मैसेज भेजकर भोले-भाले लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार एसपी अभिनव धीमान के आदेश पर साइबर अपराधियों का जड़ मूल समाप्त करने को लेकर पुलिस ऑपरेशान फायरवॉल चला रही है।

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SP के निर्देश पर की गई है कार्रवाई

इस बावत बुधवार को पकरीबरावां एसडीपीओ महेश चौधरी ने जिले के वारिसलीगंज थाना में प्रेसवार्ता कर बताया कि स्थानीय थाना पुलिस को थाना क्षेत्र के चकवाय पंचयात अंतर्गत बाघी फिल्ड स्थित बरगद के पेड़ के पास बैठकर ठगी करने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना को वरीय पदाधिकारी को अवगत कराया गया। सूचना बाद एसपी ने पकरीबरावां एसडीपीओ महेश चौधरी व वारिसलीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रूपेश कुमार सिन्हा के नेतूत्व में विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई का आदेश दिया।

पुलिस ने कहा- घेराबंदी कर 9 साइबर अपराधियों को किया गया है गिरफ्तार

उन्होंने बताया कि गठित टीम ने उक्त स्थान का घेराबंदी कर नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। जबकि कई ठग पुलिस को देखकर भागने में सफल रहा। एसडीपीओ चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार ठगों के पास से 12 मोबाइल, एक रजिस्टर और एक पेज का कस्टमर डाटा बरामद किया गया है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधी बजाज फाईनेंस के अलावा अन्य फाईनेंस कंपनी से सस्ते दर पर लोन दिलाने के नाम पर ठगने का काम करता था।

ठगी के खिलाफ मामला दर्ज कर सभी को भेजा गया न्यायिक हिरासत में 

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार सभी ठगो के विरुद्ध वारिसलीगंज थाना में मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस गिरफ्त में आए सभी ठगों ने अपने स्वीकारोक्ति बयान में कहा है कि संगठित गिरोह के सरगना के निर्देश पर कार्य करते है। उन्हें राशि ठगी करने के एबज में बंधी बंधाई हिस्सेदारी मिलती है। स्थानीय थाना पुलिस और साइबर थाना पुलिस के द्वारा लगातार की जा रही कार्रवाई से साइबर अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है। मौके पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रूपेश कुमार सिन्हा, अपर थानाध्यक्ष संजंय कुमार, एसआई अभिषेक कुमार, एसआई जयप्रकाश कुमार, एएसआई पप्पू कुमार और पीटीसी लोकेश कुमार सहित अन्य पुलिस कर्मी मौजूद थे।

फरार होने में सफल रहे 15 साइबर अपराधियों को चिन्हित कर नामजद अभियुक्त बनाया गया है – SDPO

गिरफ्तार ठगों की सूची इस बाबत एसडीपीओ धरी ने बताया कि गिरफ्तार ठगों में वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय पंचयात अंतर्गत मीरबीघा गांव निवासी सुधांशु कुमार (25 साल), विक्की कुमार (25 साल), राजेश कुमार (25 साल), सुधीर कुमार (25 साल), गौतम कुमार (35 साल), अरविंद पंडित (40 साल), मंटू कुमार (20 साल), सूरज कुमार (27 साल) और झारखंड राज्य अंतर्गत बोकारो जिला के वेरमो वर्तमान में मीरबीघा गांव निवासी संतोष कुमार (29 साल) शामिल है। इसके अलावा फरार होने में सफल रहे 15 साइबर अपराधियों को चिन्हित कर नामजद अभियुक्त बनाया गया है।

बजाज फाईनेंस से सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी का काम करते थे

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार साइबर ठगो से पूछताछ के दौरान बताया कि सभी लोग सुनसान स्थान पर बैठकर बजाज फाईनेंस से सस्ते दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी का काम करते थे। बताया गया कि गिरोह का कंपनी कमांडर साइबर ठगो को कस्टमर डाटा उपलब्ध कराकर उसमें अंकित नाम और मोबाइल नंबर सम्पर्क कर उससे प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर पैसे मागते है। ऑपरेशन फायरवॉल के तहत मई से 24 जून तक 29 साइबर अपराधी गिरफ्तार थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रुपेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ऑपरेशन फायरवॉल के तहत वारिसलीगंज थाना पुलिस ने दर्जनों साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। उन्होंने बताया कि 23 मई से 24 जून 2025 तक थाना क्षेत्र के विभिन्न गांव में छापेमारी कर कुल 29 ठगों को गिरफ्तार किया गया है। कम समय में अधिक धन कमाने की ललक में ठगी रोजगार का जरिया बना रहे हैं।

2 सप्ताह से विभिन्न गांवों से इस वर्ष दर्जन से अधिक साइबर ठगों की हुई है गिरफ्तारी 

ज्ञात हो कि दो सप्ताह के अंदर वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों से इस वर्ष दर्जन से अधिक साइबर ठगों की गिरफ्तारी हुई है। बावजूद साइबर ठगी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। रुके भी तो कैसे घर बैठे बिना पूंजी के बहुत ही कम समय में लखपति-करोड़पति बनने की ललक में 14 वर्ष के बालकों से लेकर 45-50 वर्ष उम्र के युवा ठगी के धंधे को कारोबार बना रखा है। ठग गिरोह के सरगना साइबर ठगी से अकूत संपति अर्जित करते है। ठगी गई राशि से शहरों में बड़े-बड़े मकान एवं मॉल या होटल संचालित कर रखा है। हलांकि, क्षेत्र के विभिन्न गांवों से अब तक विभिन्न राज्यों की पुलिस सैकड़ों नामित साइबर बदमाशों गिरफ्तार कर अपने साथ ले जा चुकी है। बावजूद क्षेत्र में कोई रोजगार का मजबूत आधार नहीं होने के कारण युवा वर्ग घर बैठे कमाई करने के लिए ठगी को धंधा बना रहे हैं।

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अनिल कुमार की रिपोर्ट

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