पटनाः बिहार में जहरीली शराब से हो रही लगातार मौत की खबरों के बीच बिहार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने बिहार में शराबबंदी असफल रहने का ठीकरा पुलिस प्रशासन पर फोड़ा है. संजय जयसवाल ने कहा है कि बिहार के कुछ हिस्सों में पुलिस शराब बिक्री का हिस्सा बन चुकी है.
जहरीली शराब से मौतें वहां हो रही है जहां इसकी बिक्री में पुलिस की सहभागिता नहीं है
संजय जायसवाल ने अपने संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा है कि पूर्वी चंपारण की स्थिति काफी भयावह है. पूर्वी चंपारण में पुलिस प्रशासन के सहयोग से शराब की बिक्री की जा रही है. और जहां-जहां शराब की बिक्री में पुलिस की मिलीभगत है. कम से कम वहां से जहरीली शराब से मौत की खबरे नहीं आ रही. जहरीली शराब से मौत वहां हो रही है जहां इसकी बिक्री में पुलिस की मिलीभगत नहीं है. बिहार में शराबबंदी के पांच साल हो चुके हैं. अब जरुरत है कि इसकी समीक्षा की जाय. इसकी सफलता और सफलता पर विचार किया जाना बेहद जरूरी है.
जबकि जदयू अध्यक्ष ललन सिंह ने विपक्षी दलों की शराबबंदी कानून की समीक्षा करने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है.ललन सिंह ने कहा है कि शराबबंदी कानून से ही इस तरह की घटनाओं पर विराम लगाया जा सकेगा.
बता दें कि बिहार में जहरीली शराब से मौत का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा. गोपालगंज, बेतिया के बाद अब समस्तीपुर से भी चार लोगों की मौत की खबर है. इस प्रकार जहरीली शराब से मरने वालों का आंकड़ा 37 पार कर चुका है. विपक्ष सरकार से लगातार इसकी समीक्षा की मांग कर रहा है.
रिपोर्टः शक्ति
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