पटना में राज्यस्तरीय कार्यशाला में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की।
Natural Farming रांची: पटना में Natural Farming को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने किसानों से रसायन मुक्त खेती अपनाने और मिट्टी, पानी तथा मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
Natural Farming: रासायनिक खेती से बढ़ रहा स्वास्थ्य संकट
कार्यशाला में मंत्री ने कहा कि अंधाधुंध रासायनिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता घट रही है और जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों द्वारा अपनाई गई प्राकृतिक खेती पद्धति को पुनर्जीवित करने की जरूरत है। केंद्र और राज्य सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं।
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने भी रसायनों के बढ़ते उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कीटनाशक और उर्वरक न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं, बल्कि खेत की उत्पादकता को भी लंबे समय में प्रभावित करते हैं।
Key Highlights:
पटना में प्राकृतिक खेती पर राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन।
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने रसायन मुक्त खेती की अपील की।
38 जिलों में 400 क्लस्टर बनाकर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा।
800 कृषि सखियां किसानों को दे रही हैं प्रशिक्षण और सहयोग।
किसानों को प्रोत्साहन राशि डीबीटी के जरिए सीधे खातों में भेजी गई।
Natural Farming: सरकार दे रही है प्रोत्साहन राशि
मंत्री ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाने वाले किसानों को विभाग की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। गोबर, कम्पोस्ट, नीम आधारित जैविक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों के उपयोग से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होगी। सरकार किसानों को उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों और कृषि सखियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए गए। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी गई।
Natural Farming: 38 जिलों में 400 क्लस्टर, 800 कृषि सखियां सक्रिय
कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी 38 जिलों में 400 क्लस्टर बनाए गए हैं। प्रत्येक क्लस्टर में दो कृषि सखियों का चयन किया गया है। इस प्रकार कुल 800 कृषि सखियां किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती पूरी तरह रसायन मुक्त पद्धति है, जिससे खेती टिकाऊ और लाभकारी बन सकती है। राज्य भर से आए किसानों और कृषि सखियों ने कार्यशाला में भाग लिया और अनुभव साझा किए।
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