दुमका: साइबर ठगी के जरिए अकूत संपत्ति बनाने वाले दुमका के शातिर मामा-भांजा की करतूत का पर्दाफाश हुआ है। दुमका पुलिस ने गुरुवार रात मनरेगा के कनीय अभियंता रंजीत मंडल और उसके भांजे घनश्याम मंडल को गिरफ्तार किया। रंजीत पाकुड़ के महेशपुर प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि रामगढ़ में वर्ष 2023 के साइबर अपराध में वांछित घनश्याम मंडल रंजीत मंडल के सरकारी आवास में छिपा है। प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी के नेतृत्व में छापेमारी कर दोनों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं।
तीन साल से कर रहे थे साइबर ठगी
सूत्रों के अनुसार रंजीत और घनश्याम पिछले तीन वर्षों से साइबर ठगी में सक्रिय थे। ठगी के पैसों से रंजीत ने शहरग्राम और रामगढ़ में पेट्रोल पंप खोले और आलीशान मकान बनाए। वहीं घनश्याम ने दुमका, देवघर और दिल्ली में फ्लैट खरीदे। दुमका के एएन कॉलेज के पास बना उनका एक भव्य मकान करीब एक करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है।
पुलिस कर रही संपत्ति की जांच
पुलिस अब दोनों से ठगी के पैसे से अर्जित संपत्ति की एक-एक कड़ी खुलवाने में जुटी है। अनुमान है कि दोनों ने मिलकर करोड़ों की अवैध संपत्ति बनाई है। रंजीत के सरकारी आवास से भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
प्रशिक्षु आईपीएस के नेतृत्व में हो रही गहन पूछताछ
शनिवार को भी प्रशिक्षु आईपीएस डॉ. हाशमी ने दोनों से लंबी पूछताछ की और उन्हें अपने साथ ले गए। पुलिस का कहना है कि मामा-भांजा के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश जारी है।







