रांची में मनीष गोप हत्याकांड के बाद गैंगस्टर प्रिंस खान पर शिकंजा, UAPA लगाने की तैयारी, पाकिस्तान कनेक्शन की जांच तेज।
Ranchi Crime Update रांची: रेस्टोरेंट कर्मी मनीष गोप की हत्या के बाद रांची पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान और उसके नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) लगाने की मंजूरी मांगी है। इस कदम से संकेत मिलते हैं कि मामले को अब आतंकवाद से जुड़े एंगल से भी जांचा जा रहा है।
Ranchi Crime Update:पाकिस्तान कनेक्शन की जांच, बहावलपुर में छिपा है प्रिंस
पुलिस जांच में सामने आया है कि गैंगस्टर प्रिंस खान फिलहाल पाकिस्तान के बहावलपुर में छिपा हुआ है। हाल ही में धनबाद से पकड़े गए उसके गुर्गों से पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि उसका संपर्क पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से हो सकता है। बहावलपुर को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का गढ़ माना जाता है, जिससे इस मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
Key Highlights
मनीष गोप हत्याकांड के बाद प्रिंस खान पर कार्रवाई तेज
पुलिस ने कोर्ट से UAPA लगाने की मांगी मंजूरी
बहावलपुर में छिपे होने और पाकिस्तानी कनेक्शन के संकेत
बैंक खाते और संपत्तियों की जांच, जब्ती की तैयारी
मोबाइल से मिला संदिग्ध पाकिस्तानी आईडी कार्ड
Ranchi Crime Update:बैंक खाते और संपत्तियों की हो रही जांच
रांची पुलिस अब प्रिंस खान और उसके सहयोगियों के बैंक खातों और संपत्तियों की जांच में जुट गई है। शुरुआती जानकारी के अनुसार रंगदारी से अर्जित धन से इन लोगों ने बड़ी संपत्ति खड़ी की है। पुलिस इन संपत्तियों को जब्त करने की तैयारी कर रही है, ताकि आपराधिक नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ी जा सके।
Ranchi Crime Update:पाकिस्तानी आईडी कार्ड मिलने से बढ़ी आशंका
धनबाद में गिरफ्तार आरोपी कुबेर के मोबाइल से एक संदिग्ध पाकिस्तानी आईडी कार्ड भी बरामद हुआ है। इस कार्ड में प्रिंस खान की तस्वीर के साथ ‘फैज खान’ नाम दर्ज है और पता बहावलपुर का बताया गया है। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियां इस एंगल पर भी गहराई से जांच कर रही हैं कि कहीं उसे किसी आतंकी संगठन का समर्थन तो नहीं मिल रहा।
Ranchi Crime Update:जांच में कई एजेंसियां सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन, फंडिंग और आपराधिक गतिविधियों का नेटवर्क शामिल है।
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