रांची में घरेलू गैस की भारी किल्लत, पैनिक बुकिंग और सप्लाई बाधित होने से लंबी कतारें, कई इलाकों में सड़क जाम।
Ranchi Gas Crisis रांची: राजधानी रांची में घरेलू गैस की किल्लत लगातार गंभीर होती जा रही है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और गैस कीमतों में उछाल के बीच पैनिक बुकिंग ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। सामान्य दिनों की तुलना में गैस बुकिंग करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पर भारी दबाव पड़ रहा है।
शहर के कई इलाकों में लोग गैस सिलेंडर के लिए सुबह से ही कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि कई जगहों पर लोगों का आक्रोश भी सामने आने लगा है।
Ranchi Gas Crisis: पुंदाग में सिलेंडर नहीं मिलने पर सड़क जाम
गुरुवार को पुंदाग रोड स्थित आनंद गैस गोदाम के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। सुबह पांच बजे से ही लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े हो गए थे। करीब 400 सिलेंडर के साथ लोग गैस गाड़ी का इंतजार करते रहे, लेकिन जब देर तक गाड़ी नहीं पहुंची तो नाराज लोगों ने सड़क जाम कर दिया।
करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा और जाम हटाने में पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
Key Highlights
रांची में घरेलू गैस की किल्लत गहराई
पैनिक बुकिंग से 50% तक बढ़ी मांग
पुंदाग में सिलेंडर नहीं मिलने पर सड़क जाम
कई इलाकों में लंबी कतारें, लोग परेशान
सर्वर समस्या और सीमित सप्लाई से बिगड़ी व्यवस्था
Ranchi Gas Crisis: कई इलाकों में लंबी कतारें, बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रही गैस
रांची के कांके रोड, बड़ा तालाब और धुर्वा समेत कई इलाकों में गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। उपभोक्ताओं का कहना है कि एक सप्ताह से बुकिंग कराने के बावजूद उन्हें समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा है।
दीपेश कुमार ने बताया कि वह कई दिनों से गैस के लिए भटक रहे हैं, जबकि निरंजन कुमार सुबह सात बजे से लाइन में खड़े होकर इंतजार करते रहे।
Ranchi Gas Crisis: पैनिक बुकिंग और सर्वर समस्या से बिगड़ी व्यवस्था
इंडेन समेत अन्य गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी शुरू कर दी है, लेकिन सर्वर की खराबी और अचानक बढ़ी बुकिंग के कारण व्यवस्था चरमरा गई है। एजेंसियों का कहना है कि उन्हें घर-घर गैस पहुंचाने का निर्देश है और सभी उपभोक्ताओं को सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके बावजूद सीमित आपूर्ति और बढ़ती मांग के कारण लोगों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है।


