रांची में निजी स्कूलों की फीस बढ़ोतरी पर लगाम, अब अधिकतम 10% तक ही बढ़ेगी फीस। किताब, यूनिफॉर्म और ट्रांसपोर्ट नियमों में भी बदलाव।
Ranchi School Fees Rule रांची: राजधानी रांची में निजी स्कूलों की मनमानी फीस बढ़ोतरी पर अब लगाम लग गई है। जिलास्तरीय शुल्क निर्धारण समिति ने फैसला लिया है कि अब निजी स्कूल अधिकतम 10 प्रतिशत तक ही फीस बढ़ा सकेंगे और यह बढ़ोतरी दो वर्षों तक लागू रहेगी। यह निर्णय झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण संशोधन अधिनियम-2017 के तहत बनी समिति की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने की।
Ranchi School Fees Rule: फीस बढ़ोतरी पर सख्ती, रिकॉर्ड देना होगा अनिवार्य
समिति के अनुसार, सभी निजी स्कूलों को पिछले तीन वर्षों की फीस का पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करना होगा। निर्धारित सीमा से अधिक फीस बढ़ाने के लिए स्कूलों को समिति से पूर्व अनुमति लेनी होगी।
यह कदम अभिभावकों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिसमें फीस, किताब, यूनिफॉर्म और ट्रांसपोर्ट शुल्क को लेकर अनियमितताओं की बात सामने आई थी।
Key Highlights
निजी स्कूल अब अधिकतम 10% तक ही फीस बढ़ा सकेंगे
बढ़ी हुई फीस दो वर्षों तक ही लागू रहेगी
किताब और यूनिफॉर्म 5 साल से पहले नहीं बदले जाएंगे
ट्रांसपोर्ट फीस और परीक्षा शुल्क पर भी नियंत्रण
अभिभावकों को किसी एक दुकान से खरीदारी के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा
Ranchi School Fees Rule: किताब और यूनिफॉर्म पर भी नए नियम लागू
नए निर्देशों के तहत स्कूल अब पांच साल से पहले किताब और यूनिफॉर्म नहीं बदल सकेंगे। एनसीईआरटी के अलावा अन्य किताबों को अनिवार्य नहीं किया जाएगा।
इसके साथ ही अभिभावकों को किसी एक निर्धारित दुकान से किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकेगा। वे अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी खरीदारी कर सकते हैं।
Ranchi School Fees Rule: ट्रांसपोर्ट और परीक्षा शुल्क पर भी नियंत्रण
ट्रांसपोर्ट फीस को भी सामान्य फीस नियमों के तहत ही बढ़ाया जाएगा। स्कूल किसी छात्र को फीस के कारण परीक्षा देने से नहीं रोक सकेंगे और परीक्षा के समय अतिरिक्त शुल्क वसूली पर भी रोक रहेगी।
साथ ही, स्कूलों को समय पर ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और अन्य जरूरी दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। प्रमोशन के दौरान दोबारा एडमिशन फीस नहीं ली जाएगी और आरटीई के तहत 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन सुनिश्चित करना होगा।
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